रेवाड़ी। जिलास्तरीय गीता महोत्सव में महिला सशक्तिकरण की एक अलग ही झलक देखने को मिली। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की स्टॉल में आत्मनिर्भरता और हुनर की शानदार मिसाल पेश की। एडीसी एवं सीईओ जिला परिषद राहुल मोदी ने बताया कि आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदल रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को बैंकों के माध्यम से उचित ब्याज दरों पर लोन दिलाकर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस मिशन के तहत जिले में अब तक कुल 2432 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं। इन समूहों से 24,320 गरीब महिलाओं को जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता ग्रुप को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अब तक 104.65 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण बैंकों के माध्यम से वितरित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 2153 समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में 3 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि दी गई है और 2514 समूहों को सीआईएफ के रूप में 12 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि दी गई है।
गीता महोत्सव जैसे आयोजनों में इन महिलाओं भागीदारी से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तारित करने का नया अवसर मिला है।
स्टॉल महोत्सव में चार चांद लगाए
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत श्रीराम व खुशी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा हस्त निर्मित उत्पादों की लगाई गई स्टॉल महोत्सव में चार चांद लगाए हुए है जिसमें स्वयं सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों, सजावटी सामान, जैविक खाद्य पदार्थों और जूट बैग, कपड़ा बैग, पायदान, दरी, टेडी बियर जैसे घरेलू सामानों की प्रदर्शनी व बिक्री की गई। महोत्सव में आए लोगों ने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की जमकर सराहना की और खरीदारी भी की।
स्टॉल का निरीक्षण किया
अतिरिक्त उपायुक्त एवं सीईओ जिला परिषद राहुल मोदी ने महोत्सव के दौरान इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और समूह की महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि गीता का कर्म योग का संदेश इन महिलाओं के जीवन में चरितार्थ हो रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं और मेलों के माध्यम से इन महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। महिलाओं द्वारा स्वरोजगार कर सरसों यूनिट, अचार, सीएससी, ब्यूटी पार्लर, कॉस्मेटिक, किराना स्टोर, तिला जूती, जूट बैग, डेयरी, सिलाई, कैंटीन, आर्टिफिशियल ज्वेलरी आदि रोजगार कर आजीविका बढ़ा रही है।