रेवाड़ी। सोमवार को सुबह 3 से बजे लेकर शाम चार बजे तक हुई बारिश ने जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। इसका सबसे बड़ा कारण जिम्मेदारों की ओर से समय रहते तैयारी नहीं करना रहा। जैस ही डीसी बारिश के बीच सड़कों पर उतरे जन स्वास्थ्य विभाग ने महज 6 घंटे के अंदर शहर के 10 लो लाइन क्षेत्रों में 24 पंप सेट लगाकर शहर को जलभराव से बचाने का प्रयास जरूर किया।
इधर, कोसली क्षेत्र के खेतों में पानी भरने के चलते कपास की फसल खराब होने का डर किसानों को सता रहा है। मंगलवार को भी शहर में करीब आधा घंटे बारिश हुई, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही। हालांकि कोसली क्षेत्र में बारिश होने के चलते पूरा दिन नहर टूटने की चर्चा चलती रही। जबकि सिंचाई विभाग की ओर से बताया गया कि कई जगह से नहर बारिश के पानी के चलते टूटी, लेकिन नहर में पानी नहीं चल रहा था। खेतों में बारिश का ही पानी भरा है।
मॉडल टाउन से लेकर सेक्टर-3 में नहीं सुधरे हालात
यूं तो कहने को मॉडल टाउन व सेक्टर- 3 शहर के पॉश इलाके हैं, लेकिन दोनों ही लो लाइन एरिया में आते हैं। क्योंकि इनकी सीवर लाइन सर्कुलर रोड की मुख्य सीवर लाइन से नहीं जुड़ी हुई है। यहां पर डिस्पोजल बनाकर पंप के माध्यम से पानी मुख्य लाइन में डाला जाता है। दोनों डिस्पोजल पर चार पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। इसके अलावा लाइन एरिया नागपाल साउंड पर दो मोटर, मॉडल टाउन में बावल भवन के पास दो, नई आबादी में दो, नागरिक अस्पताल के सामने दो, पुराना हाउसिंग बोर्ड के पास दो, उत्तम नगर एक, पब्लिक हेल्थ दफ्तर के अलावा नया गांव में 6 व नसियाजी एसटीपी प्लांट के पास पांच मोटर लगाकर पानी मुख्य ड्रेन में डाला जा रहा है।
पानी निकासी के लिए सर्कुलर रोड की लाइन मुख्य
शहर के पानी निकासी के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के पास सर्कुलर रोड पर दो लाइन हैं। इसमें एक भाड़ावास गेट से नाईवाली चौक, रेलवे रोड व झज्जर चौक होती हुई नसियाजी रोड स्थित एसटीपी तक पहुंचती है। लेकिन नई आबादी, दुर्गा कॉलानी, इंद्रा कॉलोनी सहित एक दर्ज से अधिक कॉलोनी इस लाइन से नहीं जुड़ी हुई हैं। इससे इन कॉलोनियों के घरों तक में पानी भर जाता है। वहीं दूसरी लाइन शहर के माता चौक से शुरू होकर मुक्तिवाड़ा व आईक्यू के पास से धारूहेड़ा चुंगी व आजाद चौक होते हुए तुर्कियावास वाली नाले में मिलती है। लेकिन इसमें भी मॉडल टाउन व सेक्टर-3 सहित अनेक कॉलेनी में पानी को डिस्पोज करने के बाद भी मुख्य लाइन में डाला जाता है। इसके चलते बारिश होते आधे से ज्यादा शहर में जलभराव हो जाता है।
धारूहेड़ा में हालात बदतर, हाईवे रुकने तक की आशंका
धारूहेड़ा के मुकाबले राजस्थान का भिवाड़ी काफी उंचाई पर है। इसके चलते आम दिनों में भी औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी से सेक्टर- 6 से लेकर अन्य कॉलोनियों में हालात खराब रहते हैं। लेकिन जैसे ही सोमवार व मंगलवार को बारिश हुई तो स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई और लोगों को जाम तक लगाना पड़ा। हालात ऐसे हैं कि कॉलोनियों के लोग घर से निकल नहीं पा रहे हैं और यदि हालात यही रहे तो हाईवे भी पानी पहुंच सकता है। हालांकि सोमवार रात को भिवाड़ी की ओर से आने वाले पानी को मालपुरा की तरफ मोड़ा गया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
कई गांवों में बारिश से घर गिरे
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 48 पर साबन चौक पर रहने वाले विक्रम पुत्र इच्छाराम ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। तेज बारिश के दौरान अचानक दीवार गिरने लगी, देखते-देखते पूरा घर जमींदोज हो गया। घर में रखा पूरा सामान भी दब गया, परिवार के लोगों ने घर से बाहर निकलकर जान बचाई। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने भी मुआयना किया है। वहीं दूसरी ओर जिले के गांव आलियावास में बीती देर रात एक मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि मकान गिरने से कुछ समय पूर्व ही परिजनों को आभास हो गया और वे मकान से दूर भाग खड़े हुए। मकान गिरने से गरीब परिवार खुले में रात गुजारने को मजबूर हैं। मंगलवार को पीड़ित ने ग्रामीणों के साथ मिलकर एडीसी व संबंधित अधिकारियों को आर्थिक मदद की मांग की है। मकान में रहने वाले कंवर सिंह व रामरत्ती ने बताया कि रात 11:30 बजे उन्हें कुछ आभास हुआ तो वे मकान से बाहर निकलकर दूर जा खड़े हो गए। इसी दौरान तेज धमाके के साथ मकान का आधा हिस्सा गिर गया। मकान में मौजूद उनका सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया है।
डीसी रेवाड़ी यशेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में हालात नियंत्रण में है। सभी अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने के लिए कह दिया गया है। इसके लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति प्रशासन को जलभराव मिलने पर सूचित कर सकता है।