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Rewari News: 22 शौचालय, कहीं टंकी तो कहीं पानी नहीं

Sun, 12 Jan 2025 04:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 16नाईवाली चौक के पास बने शौचालय की बदहाल दशा। संवाद - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। शहर में 22 शौचालय है लेकिन देखरेख और संसाधनों के अभाव में अधिकतर की हालत खराब है। किसी शौचालय पर पानी की टंकी नहीं है तो कहीं टंकी है लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है। नियमित सफाई भी नहीं होती है जिससे अधिकतर शौचालय इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं।
नगर परिषद की ओर से 22 शौचालयों की देखरेख के लिए धनराशि खर्च की जाती है लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। शौचालयों की दशा इस कदर खराब है कि जरूरत महसूस होने पर भी लोग इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं। शौचालयों में गंदगी है। यही स्थिति 7 यूरिनल की भी है। इसके अलावा 5 स्तानों पर मोबाइल टॉयलेट रखे गए थे, जो खराब हो चुके हैं और इनकी मरम्मत की जरूरत है। मोबाइल टॉयलेट महाराणा प्रताप चौक स्थित नगर परिषद कार्यालय में कंडम हो रहे हैं। इन टॉयलेट के पॉट, टैंक व पानी की टंकी टूट चुकी है। गोकल गेट, सती कॉलोनी, बारा हजारी, नाईवाली चौक व रेलवे रोड स्थित टॉयलेट में गंदगी है। मेन बाजार में कई वर्ष से शौचालय बनाने की मांग की जा रही है। यहां शौचालय नहीं होने से खासतौर पर महिलाओं को परेशानी होती है। गोकल गेट पर बने शौचालय में भी सफाई का अभाव है। बारा हजारी में बनाए गए शौचालय की हालत दयनीय है।
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स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अंबेसडर प्रियंका यादव ने 5 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर शहर में शौचालय नहीं होने की समस्या बताई थी। इसके बाद सुभाष पार्क, नेहरू पार्क के अलावा 2 अन्य स्थानों पर शौचालय बनवाए गए थे। अब इनकी हालत खराब है।

नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि 44 लाख 62 हजार रुपये की लागत से 22 शौचालयों और 7 यूरिनल की मरम्मत करवाई जाएगी। सोमवार या मंगलवार तक वर्क आर्डर जारी होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम आ सकती है। इससे पहले शौचालयों की दशा सुधारने का प्रयास होगा।





शहर को मिला था ओडीएफ डबल प्लस

भारत सरकार की ओर से जारी की गई रैंकिंग में शहर को ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाणपत्र मिला था जबकि बावल को ओडीएफ प्लस रैंक मिली थी। धारूहेड़ा की स्थिति काफी खराब है, जिसे ओडीएफ रैंक मिली है। ओडीएफ में खुले में शौच मुक्त की जांच होती है। ओडीएफ प्लस में इसकी पुष्टि होती है कि शहर में यूरिनल का उपयोग लोग करते हैं। ओडीएफ डबल प्लस में शहर से निकलने वाले मल के निपटान की व्यवस्था क्या है, यह देखी जाती है। शहर तीनों ही श्रेणी में अच्छी स्थिति में पाया गया था। इस बार हालात बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं।
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वर्जन
टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सोमवार या मंगलवार को वर्क आर्डर जारी कर दिया जाएगा। 44 लाख 62 हजार रुपये की लागत से 22 शौचालयों और 7 यूरिनल की मरम्मत करवाई जाएगी।-सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद रेवाड़ी।

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