संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को राष्ट्रीय साधन व योग्यता छात्रवृति योजना (एनएमएमएस) परीक्षा आठ परीक्षा केंद्रों पर हुई। परीक्षा के लिए 2348 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया था, जिनमें से 2199 बच्चों ने परीक्षा दी ओर 149 अनुपस्थित रहे। करीब 93.65 प्रतिशत बच्चे उपस्थित हुए हैं।
परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों के बाहर एक से डेढ़ घंटे पहले ही चुके थे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने से पहले विद्यार्थियों की चेकिंग भी की गई। परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हुई। उड़नदस्ते ने केंद्रों का निरीक्षण किया। केेंद्रों पर शांतिपूर्वक परीक्षा हुई। इसके अतिरिक्त शिक्षा अधिकारियों द्वारा अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
परीक्षा में दो पेपर थे, पहला मानसिक योग्यता परीक्षण (मेंटल एबिलिटी टेस्ट) व दूसरा बौद्धिक योग्यता परीक्षण शामिल था। मानसिक योग्यता टेस्ट में विद्यार्थियों की मानसिक योग्यता (तर्क, विश्लेषण, संश्लेषण) को जांचने के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। बौद्धिक योग्यता टेस्ट में 90 प्रश्न पूछे गए, जिनमें 25 विज्ञान, 20 गणित व 35 प्रश्न सामाजिक विज्ञान के शामिल था। इस परीक्षा के लिए कोई पाठ्यक्रम नहीं था, कक्षा 8वीं की पुस्तकों से ही प्रश्न आए थे।
पिछले वर्ष परीक्षा में 160 विद्यार्थियों का हुआ था चयन
राष्ट्रीय साधन व योग्यता छात्रवृति योजना (एनएमएमएस) परीक्षा शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की कराई जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी, अनुदान प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली गरीब छात्र व छात्राओं का चयन कर उनका शैक्षिक विकास करना है। इस योजना में चयनित हुए छात्र व छात्राओं को कक्षा नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के लिए प्रतिमास छात्रवृति दी जाती है। पिछले वर्ष परीक्षा में 160 विद्यार्थियों का चयन हुआ था, जिन्हें प्रतिमाह विभाग की ओर से 1000 रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की पाठ्य सामग्री खरीदने में मदद कर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
वर्जन:
परीक्षा जिले के 8 परीक्षा केंद्रों पर नकल रहित सुचारू रूप से संचालित हुई है। इस परीक्षा के लिए 2348 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया था, जिनमें से 2199 बच्चों ने परीक्षा दी ओर 149 अनुपस्थित रहे। करीब 93.65 प्रतिशत बच्चे उपस्थित हुए हैं।-अशोक कुमार नामवाल, डीएमएस नोडल अधिकारी, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।