रेवाड़ी। वीरवार को इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने अपने अधिकारों की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ प्रोफेसर छात्रों के प्रति रंजिश रखते हुए जान बूझकर उनकी हाजिरी कम दिखा रहे हैं। ऐसे प्रोफेसरों को नए सत्र से यूनिवर्सिटी से बाहर किया जाए। छात्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी के कुलपति महोदय से मिले थे। उन्हें अवगत करवाया था विद्यार्थियों के रोल नंबर रोके जा रहे हैं । जिस पर कुलपति ने आश्वासन दिया था कि किसी भी हाल में रोल नंबर नहीं रोके जाएंगे। जब विद्यार्थी रोल नंबर लेने पहुंचे तो उनके रोल नंबर नहीं दिए गए। बच्चों ने मांग रखी तो विभाग के अध्यक्ष महोदया ने कहा की रोल नंबर 15 मई को दिए जाएंगे। जब छात्र विभाग के अध्यक्ष महोदया अनुपस्थित रही। छात्रों को बताया गया कि आपको रोल नंबर नहीं दिए जाएंगे। वीरवार को जब विद्यार्थी पेपर देने के लिए पहुंचे तो उससे पहले उन्होंने अपने रोल नंबर मांगे। जिस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा रोल नंबर नहीं दिए जाएंगे। पहले कुलपति महोदय से अनुमति लेकर आएं ।जब छात्र कुलपति के पास पहुंचे तो कुलपति कार्यालय मं नहीं मिले। जिस पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया।
जब प्रशासन ने देखा की हालत बिगड़ती जा रही है तो रजिस्ट्रार महोदय ने बच्चों को रोल नंबर देने की अनुमति प्रदान की। छात्रों ने बताया कि जानबूझकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है । अगर बच्चे अनुपस्थित थे तो पहले से ही उन्हें नोटिस दिया जाना चाहिए था। पहले ही उनका नाम काटा जाना चाहिए था । ऐसा कुछ नहीं किया गया। अब पेपर के समय में बच्चों का समय जानबूझकर खराब किया जा रहा है। छात्रों ने कहा कुछ प्रोफेसर जानबूझकर छात्रों के प्रति रंजिश रखते हैं। साजिश के तहत उनकी हाजिरी कम कर दी जाती हैं। अगर नए सेशन से ऐसे प्रोफेसरों को नहीं हटाया गया तो उनका विरोध किया जाएगा।