शिकायत करने के बाद मिला अच्छा खाना, अब फिर पुराना ढर्रा शुरू हो गया
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बीएसएफ से बर्खास्त तेजबहादुर का कहना है कि खराब खाने का वीडियो वायरल होने के बाद तीन-चार माह तक तो जवानों को अच्छा खाना दिया गया। तब जवानों के खाने में सभी चीजों का ध्यान रखा गया। अब साथी बताते हैं कि वही पुराना ढर्रा बन गया है। ठीक एक साल पहले बीएसएफ में खराब खाने का वीडियो वायरल कर बर्खास्तगी झेलने वाले तेज बहादुर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अब मुझे अंदर नहीं जाने देते हैं। जिस तरह साथियों से फोन पर बात होती है तो वे बताते हैं कि वही पुराना ढर्रा फिर शुरू हो गया है। जिन अधिकारियों के खिलाफ मैंने शिकायत की थी। उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया। हालांकि अधिकारियों ने खाने को लेकर मेरी शिकायत को ठीक माना था। शिकायत को सार्वजनिक करने पर मुझे दोषी करार दिया गया। सरकार ने भी बीएसएफ के जवानों के भोजन की क्वालिटी के लिए कोई कानून निर्धारित नहीं किया। मेरा वीडियो वायरल होने पर मुझे सांभा भेज दिया गया। वहां से 19 अप्रैल को कोर्ट मार्शल कर दिया गया। अभी 20 दिसंबर को मैंने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में इसके खिलाफ अपील की है। उम्मीद है कि निर्णय मेरे पक्ष में ही आएगा।
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पत्नी करती है निजी कंपनी में काम
तेजबहादुर फिलहाल रेवाड़ी में दिल्ली रोड स्थित मधु विहार में किराए के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल घर में कमाई का जरिया निजी कंपनी में काम करने पर पत्नी शर्मिला को मिलने वाले 15 हजार रुपये हैं। इसमें से पांच हजार रुपये किराए के दे देता हूं। इकलौता बेटा रोहित रेवाड़ी में ही बीएससी फर्स्ट ईयर का छात्र है। मुझे बीएसएफ से बर्खास्त करने पर पिता शेर सिंह (80) को हार्ट अटैक आया था। उनकी सर्जरी कराई गई, लेकिन अभी भी उनकी तबीयत खराब रहती है। बीएसएफ से बर्खास्त करने पर मेरे सारे डॉक्यूमेंट जब्त कर लिए गए। पेंशन और भत्तों पर भी रोक लगा दी गई। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है।