संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने और एक अन्य बच्ची से बाल मजदूरी कराने के मामले में एक महिला सहित दो आरोपियों को दोष सिद्ध करार देते हुए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1.47 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस को दी शिकायत में थाना रामपुरा क्षेत्र के एक गांव की एक महिला ने बताया था कि 9 नवंबर 2022 को उसकी 15 साल की बेटी और 11 साल की नातिन किसी काम से घर से बाहर गई थी। इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटी थी। दोनों के नहीं मिलने पर रामपुरा थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। जांच के बाद पुलिस ने दोनों बच्चियों को बरामद कर लिया था।
बरामद के बाद 15 साल की बच्ची ने मध्य प्रदेश निवासी एक व्यक्ति पर अपहरण कर दुष्कर्म करने और उसी गांव की रहने वाली एक महिला पर दोनों बच्चियों से एक ईंट भट्टा पर बाल मजदूरी करने का आरोप लगाया था। आरोपियों ने बच्चियों के गहने भी छीन लिए थे। पुलिस ने 17 दिसंबर 2022 को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और जेवरात छीनने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
पुलिस ने आरोपी कालू और कशीला के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। पूरे मामले की सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे लोकेश गुप्ता ने अदालत में दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत में भोला उर्फ कालू को 20 साल कैद और 92 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। इस मामले में अदालत में महिला आरोपी पर भी 20 साल कैद की सजा और 55 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपियों को जेल की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।