बावल/रेवाड़ी। गांव मोहनपुर से 27 जून 2018 से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुई नौवीं की छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल के आवास के बाहर दिए जा रहे धरना स्थल पर रविवार को महापंचायत होगी। महापंचायत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विचार-विमर्श कर महापंचायत में लोकसभा चुनावों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
उपमंडल के गांव मोहनपुर निवासी कक्षा नौवीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा 27 जून को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थी। बावल पुलिस ने इस मामले में गांव निवासी एक युवती को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी। लंबे समय तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने इस मामले में कई बार पंचायत की। विरोध जताते हुए धरना प्रदर्शन भी किया। बावल चौरासी के आह्वान पर जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल के आवास के बाहर ग्रामीणों ने अक्तूबर 2018 में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया था। पिछले 206 दिन से मंत्री के आवास के बाहर धरना जारी है।
इस मामले 22 अप्रैल को धरना स्थल पर 51 सदस्यों की कमेटी की पंचायत की गई थी। जिसमें निर्णय लिया गया था कि 28 अप्रैल रविवार को बावल चौरासी की महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। महापंचायत में लोकसभा चुनावों को लेकर फैसला लिया जाएगा।
बेेबस पिता की पीड़ा का मामला
बावल निवासी एक व्यक्ति की कक्षा बारहवीं में पढ़ने वाली बेटी को करीब एक माह पूर्व कस्बे का एक युवक बहला-फसला कर ले गया। जिसकी पुलिस को शिकायत भी दी जा चुकी है। युवती के पिता का आरोप है कि युवक प्रभावशाली परिवार से संबंध रखता है इसलिए पुलिस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है। पीड़ित पिता ने पंचायत से गुहार लगाई कि उसकी बेटी की बरामदगी कराया जाए। रविवार को होने वाली पंचायत में यह मुद्दा भी उठेगा।
सीएम के कार्यक्रम का करा चुके बहिष्कार..
नाबालिग छात्रा की बरामदगी नहीं होने के विरोध में बावल चौरासी मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल के कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जा चुका है। संघर्ष समिति के आह्वान पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों के कार्यक्रमों का बहिष्कार चल रहा है।
सात माह से दिया जा रहा है धरना, पांच बार पंचायत..
छात्रा की बरामदगी को लेकर ग्रामीणों ने अक्टूबर माह से बावल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। धरने को करीब सात माह हो गए है। प्रदेेश के जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल भी धरना स्थल पर पहुंचकर पंचायत से माफी मांग कर धरना खत्म करने का आह्वान कर चुके है। इस मामले में तीन बार पंचायत , दो बार महापंचायत बुलाई जा चुकी है।
तीन आरोपियों के कराए जा चुके है नार्को टेस्ट
नाबालिग छात्रा के मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा मामले में आरोपी युवती के अलावा दो अन्य लोगों का नार्को टेस्ट कराया जा चुका है। अभी तक नार्को की रिपोर्ट नहीं है। अधिकारियों द्वारा एक माह के अंदर जांच की रिपोर्ट आने की बात कही गई है।