रेवाड़ी। सेवा सुरक्षा व सहयोग की नीति पर काम करने का दावा करने वाली हरियाणा पुलिस का यह स्लोगन रेवाड़ी में दम तोड़ता दिख रहा है। बावल क्षेत्र से ही एक छात्रा की बरामदगी को लेकर चार माह से ज्यादा समय से ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर 30 मार्च को बावल के एक स्कूल में परीक्षा देने गई एक छात्रा को लापता हुए 29 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है। इसमें भी पुलिस की कार्रवाई टीम गठित करने व कॉल डिटेल निकालने से आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। जबकि पीड़ित दंपती ने पास में ही रहने वाले एक शादीशुदा युवक पर बेटी को अपहरण करने का आरोप लगाया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अपहरण करने वाले का नाम बताने के बाद भी आखिर पुलिस उस तक क्यों नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में अब दंपती ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर मदद करने की गुहार लगाई है।
पीड़ित दंपती का कहना है कि वह राजस्थान से आकर बीते 9 साल से बावल में व्यवसाय कर रहे हैं। बच्चों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाने के लिए यहां पर आए थे, लेकिन उनका सब कुछ चला गया। बेटी का अपहरण कर लिया गया। जिस युवक पर दंपती अपहरण का आरोप लगा रहे हैं, उसके खिलाफ परिवार की ओर से पुलिस में पहले भी शिकायत दी गई थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई की बजाय खानापूर्ति कर उन्हें चलता कर दिया था। उस समय यदि कुछ कार्रवाई की हेाती तो शायद हालात कुछ और होते। रेवाड़ी व बावल के पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी बेटी की बरामदगी नहीं होने से परेशान पीड़ित दंपती का कहना है कि अब उनके पास कोई रास्ता नहीं है। वह अब सचिवालय के बहार भूख हड़ताल पर बैठने की बात कह रहे हैं।
छात्रा की तलाश के लिए टीम गठित कर जांच की जा रही है। कॉल डिटेल निकाली गई है, लेकिन आरोपी फोन का प्रयोग नहीं कर रहा है। इसके चलते लोकेशन नहीं मिल रही है। हालांकि पुलिस की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही छात्रा को बरामद किया जाएगा।
-जय सिंह, डीएसपी बावल