अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। सरकार की तरफ से प्रदेश में शुरू किए ऑपरेशन मुस्कान के तहत जीआरपी ने शहर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 से एक बच्चे को लावारिस घूमते पकड़ा है। जीआरपी ने बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया है। उसके बाद सीडब्ल्यूसी ने बच्चे को अस्थाई तौर पर आस्था कुंज के ओपन होम शेल्टर में रखवा दिया है। इससे पहले भी बच्चा शहर में भीख मांगते पकड़ा जा चुका है। इसी जुर्म में उसकी मां जेल काट रही है।
सीडब्ल्यूसी की सदस्य उपासना गुप्ता ने बताया कि वीरवार को सुबह जीआरपी को शहर के स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-1 पर एक 10 साल का बच्चा लावारिस घूमते मिला। कांस्टेबल रेखा, पिंकी, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार बाल तस्करी निरोधक टीम के सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार ने बच्चे को सीडब्ल्यूसी के पास भेजा। बच्चे की मां इसी आरोप में जेल में बंद है, जबकि पिता की पहले की मौत हो चुकी है। इसके अलावा उसकी बहन जिले के ही आशा किरण में रह रही है। गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान 2 फरवरी से 28 फरवरी तक चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के बाद भी उनका मकसद यह है कि किसी भी असहाय बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना है।