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बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, सरसों की फसलों में भारी नुकसान की संभावना

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। एक सप्ताह के अंतराल में दूसरी बार हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी की फसलों एवं सब्जी की काफी नुकसान है। वीरवार तड़के बारिश के साथ करीब दो मिनट जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान बावल व रेवाड़ी क्षेत्र में हुआ है। वहीं तेज बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट हुई है, जिससे एक बार फिर ठंड लौट आई है। दिन में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम वैज्ञानिकों की ओर से पिछले कई दिनों से भारी बारिश व ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही थी। वीरवार को तड़के बादलों की तेज गड़गड़हाट के साथ जोरदार बारिश हुई। उसके बाद कुछ देर के लिए शहर व आसपास के एरिया में ओलावृष्टि भी हुई। ओलावृष्टि के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई।
एक सप्ताह पहले भी हुई थी ओलावृष्टि
एक सप्ताह पूर्व 7 फरवरी को जिले के दर्जनों गांवों में ओलावृष्टि हुई थी। ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ था। संयोग की बात यह है कि 7 फरवरी 2007 को भी जिले में भीषण ओलावृष्टि हुई, जिसके चलते किसानों को भारी भरकम नुकसान हुआ था। मौसम विभाग ने 13 से 16 फरवरी तक भारी बारिश की आशंका जताई हुई है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक तरह से सच होती दिख रही है। ऐसे में दो दिन अभी और खतरा बना हुआ है। सबसे ज्यादा खतरा किसानों को ही है। क्योंकि उनकी सरसों व गेहूं की फसल खेतों में पक कर खड़ी है।
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बावल में हुई सबसे ज्यादा ओलावृष्टि
मौसम की मार सबसे ज्यादा बावल क्षेत्र में हो रही है। एक सप्ताह पहले भी बावल में ओलावृष्टि रेवाड़ी से ज्यादा हुई थी। इस बार भी बावल के गांवों में काफी ओलावृष्टि हुई है। रेवाड़ी शहर के आसपास व बावल के गांव गोविंदपुर, बधराना, धारण, बेरवाल, राजगढ़, आराम नगर में काफी ज्यादा ओलावृष्टि हुई है।
एक सप्ताह पहले पूरे जिले में बारिश हुई थी, लेकिन वीरवार को कोसली और खोल को छोड़कर जिले के हर हिस्से में बारिश की बूंदे गिरी। बावल व रेवाड़ी में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि अन्य स्थानों पर बारिश ने किसानों को फायदा पहुंचाने का काम किया। तेज हवाएं भी फसल के लिए नुकसान दायक दक्षिणी हरियाणा में गेहूं व सरसों की फसल की बुआई सबसे ज्यादा होती है। इस समय सरसों की फसल व गेहूं की फसल पक कर एक तरह से तैयार है। मार्च के शुरूआत में फसल की कटाई होनी है, लेकिन इससे पहले ही तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि किसानों की फसल को नष्ट कर रही है। इसके अलावा तेज हवाएं भी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है।
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बारिश के बाद ठंडा हुआ मौसम
वीरवार को हुई बारिश के बाद मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 14 डिग्री पर पहुंच गया था। वीरवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। धूप न निकलने से ठंड और बढ़ गई।
बारिश की एक नजर
रेवाड़ी 4 एमएम,
बावल 2 एमएम,
जाटूसना 1 एमएम
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