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छह माह में 19.33 फीसदी पात्रों को लगी दोनों डोज, ऐसे में तो 66 माह में पूरा होगा टीकाकरण

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रेवाड़ी। जिले में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण को 16 जुलाई को 6 माह पूरे हो चुके हैं। बावजूद इसके अभी जिले की 12 लाख आबादी में पात्र 8 लाख में महज 19.33 प्रतिशत लोगों को ही वैक्सीन की दोनों डोज मिल पाई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण की यही रफ्तार रही तो अगले साढ़े पांच साल अर्थात 66 माह में कोरोना से बचाव का सुरक्षा कवच पूरा हो सकेगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से औसतन प्रत्येक माह 12014 लोगों को टीके की दोनों डोज दी जा रही है। जिले में आठ लाख लोगों को 16 लाख डोज दी जानी है, लेकिन वीरवार तक महज 372818 डोज ही लग पाई है। दूसरी डोज लेने में आम लोग ही नहीं हेल्थ व फ्रंट लाइन वर्कर भी पिछड़े हुए हैं।
शुरुआती दिनों में टीकाकरण को लेकर कुछ भ्रांतियां जरूर थी, लेकिन कोविड की दूसरी लहर के कहर के बाद लोगों में टीका लगवाने की होड़ लग गई। लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग लोगों को डोज उपलब्ध करवाने में फेल रहा। इसके चलते लोगों को डोज लगवाने के लिए घंटों इंतजार कर लंबी लाइनों में लगने के बाद भी मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है।
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5 लाख को तीन माह के अंदर दोनों डोज का दावा भी हवाई
जिले में करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की महानिदेश डॉ. वीना सिंह ने आशंकित तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों का निरीक्षण किया था। इस दौरान कहा गया था कि अगस्त तक 18 प्लस श्रेणी के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक दिन सात हजार डोज लगाई जाएंगी। लेकिन एक भी दिन इस आंकड़े को जिले के अधिकारी छू नहीं पाए हैं। जिले में इस श्रेणी की करीब पांच लाख की आबादी है। अभी तक महज 128028 लोगों को ही पहली डोज लग पाई हैं, जबकि दूसरी डोज महज 4648 लोगों को लग सकी है। ऐसे में सवाल है कि इस गति से कैसे तीन माह के दौरान इस श्रेणी के लोगों का टीकाकरण हो पाएगा।
दूसरी डोज में हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर भी पिछड़े
जनवरी से शुरू हुए कोविड वैक्सीन के पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित किया जाना था। लेकिन जिले में इस वर्ग के सभी लोगों को भी अभी तक दोनों डोज नहीं लगाया जाना चिंताजनक है। 6460 हेल्थ वर्कर को पहली डोज लगाई गई, लेकिन दूसरी डोज महज 4546 ने ही लगवाई। वहीं फ्रंटलाइन वर्कर में पहली डोज 7892 व दूसरी डोज 4221 लोग ही लगवा पाए हैं।
पहली डोज के लिए लोग काट रहे चक्कर, कोई सुनवाई नहीं
जिले में 16 जुलाई को 15 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाना है। लेकिन इनमें से महज एक केंद्र पर ही पहली डोज लगाई जाएगी। यह पहली बार नहीं है, पिछले कुछ दिनों से इक्का-दुक्का लोगों केंद्रों को छोड़कर दूसरी डोज ही लगाई जा रही है। जिन केंद्रों पर बताया जाता है, वहां पर भी डोज खत्म होने का बहाना बताकर मना कर दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोविशील्ड की पहली व दूसरी डोज 16 जुलाई को हुड्डा डिस्पेंसरी सेक्टर-4 में लगाई जाएगी। कोवैक्सीन की दूसरी डोज 16 जुलाई को नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, सीएचसी खोल, अर्बन पीएचसी राजीव नगर, पीएचसी बासदुधा, पीएचसी फतेहपुरी, पीएचसी टांकड़ी, पीएचसी धारूहेड़ा, सीएचसी गुरावडा, सब-डिविजन अस्पताल कोसली, अर्बन पीएचसी कुतुबपुर में तथा कोविशील्ड की दूसरी डोज सीएचसी गुरावडा, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी व पीएचसी बासदुधा में लगाई जाएगी। पहली डोज नहीं लगने से परेशान लोग मजबूरी में स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
कोविड प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि जिनको पहली डोज लगे 42 दिन पूरे हो चुके हैं, उनको दूसरी डोज लगाई जानी जरूरी है। डोज पूरी नहीं मिलने के चलते पहली डोज नहीं लगाई जा रही है। जैसे ही वैक्सीन की संख्या बढ़ेगी टीकाकरण की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। शुक्रवार को 6 हजार डोज मिलने की उम्मीद है।
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