रेवाड़ी। कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच शुक्रवार से 85 दिन बाद कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाने की तैयारी है। कोरोना से बचाव के लिए शिक्षा विभाग युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राजेश कुमार लगातार बैठकें कर खंड शिक्षा अधिकारियों से लेकर प्रिंसिपल को एसओपी का पालन कराने के आदेश जारी कर रहे हैं।
एसओपी के तहत एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी बैठ सकेगा, इसके लिए स्लिप लगाई जाएगी। प्रत्येक दिन छात्र उसी बेंच पर बैठेगा और विद्यार्थी एक दूसरे से स्टेशनरी भी शेयर नहीं कर सकेंगे। वीरवार को डीईओ ने सभी खंड अधिकारियों के साथ बैठक कर आठ निगरानी कमेटियां गठित कर सरकारी व निजी स्कूलों में एसओपी पालन कराने के आदेश दिए। बता दें कि गेट पर ही विद्यार्थियों व स्टाफ का तापमान जांचा जाएगा, तापमान ज्यादा मिलने पर उसे वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा सभी विद्यार्थियों को अभिभावकों को अनुमति पत्र लाना जरूरी है, स्कूल आने की किसी भी विद्यार्थी पर बाध्यता नहीं है। वह ऑनलाइन शिक्षा लेने के लिए स्वतंत्र है। बता दें कि 23 जुलाई से छठी से 8वीं तक की कक्षाएं भी लगनी शुरू हो जाएंगी। वहीं निजी स्कूल एसोसिएशन की ओर से पहली कक्षा से सातवीं के बच्चों के लिए भी स्कूल खोले जाने की मांग की जा रही है।
आज से सुबह 8:30 से 12:30 तक लगेंगी कक्षाएं
नई एसओपी के तहत कक्षाएं सुबह 8:30 से 12:30 बजे तक लगेंगी। सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए विद्यार्थियों के बीच कम से कम छह फीट की दूरी रखी जाएगी। हर डेस्क पर विद्यार्थी का नाम लिखा जाएगा। वहीं विद्यार्थी एक- दूसरे से स्टेशनरी भी शेयर नहीं कर सकेंगे। मिड-डे मील नहीं मिलेगा, सिर्फ सूखा राशन दिया जाएगा। जो विद्यार्थी घर रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखनी होगी। उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी, न ही दबाव बनाया जाएगा।
निगरानी कमेटियां प्रत्येक दिन देंगी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार एसओपी का पालन कराने के लिए स्कूलों में कमेटियां बनेंगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष इसके अध्यक्ष होंगे। स्कूल मुखिया सदस्य सचिव, पीटीआई या डीपी के साथ दो अध्यापक प्रति सप्ताह सदस्य होंगे। कंप्यूटर अध्यापक, सभी सदनों के अध्यक्ष, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड्स के विद्यार्थी, सक्षम युवा भी सदस्य होंगे। लिखित अनुमति से एक दिन में 50 प्रतिशत बच्चे आएंगे। प्रत्येक दिन निगरानी कमेटी की ओर से डीईओ को रिपोर्ट देनी जरूरी है।
गेट पर मास्क व तापमान की होगी जांच
डीईओ, रेवाड़ी राजेश कुमार ने बताया कि स्कूल आने वाले विद्यार्थी, स्टाफ व अन्य लोगों की गेट पर तापमान व मास्क की जांच की जाएगी। मास्क नहीं लगाने पर स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी। सभी खंड अधिकारियों व प्रिंसिपल के साथ बैठक कर कड़ाई से एसओपी का पालन कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसकी अवहेलना पर सरकारी हो या निजी स्कूल संचालक कार्रवाई की जाएगी।