किसानों की हालत सुधारने को लेकर गंभीर नहीं सरकार: योगेंद्र यादव
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकारों में कोई भी किसानों की हालत सुधारने को गंभीर नहीं है। किसानों को लेकर महज बातें ही की जा रही है जबकि वास्तविक रूप से मंडियों में किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी मध्यप्रदेश की तरह किसानों को समर्थन मूल्य से कम बिक्री पर मुआवजा दिया जाए तथा इसके लिए पूरे प्रदेश में आंदोलन प्रारंभ करेंगे।
जय किसान आंदोलन की तरफ से नई अनाज मंडी में दिए जा रहे धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों के साथ खुली लूट हो रही है। अकेले रेवाड़ी मंडी में सरसों और गेहूं की खरीद में किसानों के साथ लगभग सवा पांच करोड़ रुपये की लूट हुई है। स्वराज इंडिया एवं जय किसान आंदोलन के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर समर्थन मूल्य नहीं मिलने वाले किसानों के क्लेम फार्म भरेंगे। उन्होंने कहा कि 10 मई को रेवाड़ी में ‘किसान मुक्ति दिवस’ मनाया जाएगा। इसी दिन किसानों की राशि का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सिर्फ यही मांग है कि सरकार ने फसल का जो समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, उस पर सभी किसानों की फसल खरीदें। यदि किसान अपनी आवाज उठाने के लिए एकजुट होकर खड़ा हो जाए तो किसी की भी हिम्मत नहीं की उनका अधिकार देने की बात को टाल दे। किसान आंदोलन की आवाज प्रधानमंत्री तक भी पहुंच चुकी है। किसानों के साथ मंडियों में जो लूट हो रही है उस लूट को रोकना है। किसानों को अपनी आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 हजार रुपये सरसों का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है और मंडी में कम दाम में बिक रही है इससे किसानों को प्रति क्व़िटल 600 रुपये का नुकसान हुआ है। गांव-गांव जाकर किसानों से ये 600 वापस लेने के लिए भरवाए गए। क्लेम फार्म के माध्यम से सांसद, विधायक, उपायुक्त और मार्केट कमेटी के अधिकारियों से दावा पेश किया जाएगा कि किसानों का सरकार की ओर कितना करोड़ रुपये बकाया है। यह किसानों की राशि है तथा सरकार उसे वापस दे। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत कर उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार को आड़े हाथों लेकर कहा कि जिस तरह मध्यप्रदेश में किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है उसी तरह हरियाणा में भी चुनाव होते तो सरकार यहां भी मुआवजा बांटती। उन्होंने कहा कि इसके लिए संघर्ष करना होगा तथा संघर्ष से नीति आयोग की कुर्सी हिलाई जाएगी।