रेवाड़ी। रोडवेज के बेड़े में नवंबर तक बीएस-6 मानक की 18 नई बसें और 5 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इलेक्ट्रिक बसें मिलने से लोकल रूट के यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। वहीं नई बीएस -6 मानक की बसें चंडीगढ़, जयपुर और पठानकोट रूट पर उतारी जाएंगी। इससे इन रूटों पर बसों की कमी दूर हो जाएगी।
फिलहाल लंबे रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है। रोडवेज के पास पर्याप्त संख्या में बसें न होने के कारण कई रूटों पर फेरे घटा दिए गए हैं। जयपुर और चंडीगढ़ रूट पर यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पठानकोट के लिए कोई बस सेवा नहीं है। ऐसे में पंजाब जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नई बीएस-6 बसें मिलने के बाद इन रूटों पर उतारी जाएंगी। लंबे रूटों पर इन बसों को चलाने की योजना बनाई गई है ताकि यात्रियों को समय पर और सुगम यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
दीपावली के बाद पांच इलेक्ट्रिक बसें भी रोडवेज सेवा में शामिल हो सकती हैं। इन बसों को मुख्य रूप से छोटे और मध्यम दूरी के रूटों पर चलाने की तैयारी है। इलेक्ट्रिक बसें न सिर्फ पर्यावरण हितैषी होंगी बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी सहायक साबित होंगी। यात्रियों को आधुनिक तकनीक से लैस इन बसों में सफर करने में आराम महसूस होगा।
रोडवेज प्रशासन के अनुसार नई बसों के आने से बेड़े की क्षमता और सेवा दोनों में सुधार होगा। अभी 144 कुल बसें हैं। डिपो को 173 बसों की जरूरत है। बीएस-6 तकनीक वाली बसें प्रदूषण कम करेंगी और ईंधन की खपत भी कम होगी। वहीं, इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होंगी। नवंबर तक नई बसें मिल जाएंगी। इसके बाद ये बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी।
-
अंबाला और यमुनानगर भेजी जा रहीं बीएस- 4 बसें
रेवाड़ी डिपो ने बीएस-6 मानक की बसों को मंगाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। रेवाड़ी डिपो से बीएस-4 की 25 और बसें अंबाला और यमुनानगर डिपो में भेजी जा रही हैं। नई बीएस-6 बसों को मंगाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। रोडवेज के मुताबिक दूसरे जिलों में भेजी जाने वाली 25 बसें लोकल रूटों पर चलती थीं। इनमें महेंद्रगढ़, नारनौल, झज्जर, कोसली, बावल, धारूहेड़ा, पटौदी समेत कई ग्रामीण रूट शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ये बसें रात में भेजी जाती थीं जो सुबह गांवों से यात्रियों को लेकर रेवाड़ी आती थीं। अब एक साथ 25 बसें भेजने से फेरे घट सकते हैं। बसों की कमी से लोकल रूटों पर सवारियों की परेशानी बढ़ सकती है।
-
इलेक्ट्रिक बसों के लिए सेक्टर-12 में बनेगा चार्जिंग स्टेशन
रोडवेज के पास अभी 5 इलेक्ट्रिक बसें हैं। 5 और बसें आने से इनकी संख्या 10 हो जाएगी। सेक्टर-12 में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इस पर 13.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए बस स्टैंड परिसर में 90 गज जमीन पर चार्जिंग पॉइंट बनेगा। तीन एकड़ पर स्टेशन होगा। यहां पर बनने वाली बिल्डिंग में 170 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाने की क्षमता तय की गई है। चार्जिंग पॉइंट के लिए रैकनुमा मशीनें लगेंगी जिनको चालू करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके चार्ज किया जाएगा। इससे एक बार में ही सभी बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
वर्जन
नवंबर तक 18 नई बीएस-6 मानक की बसें मिल जाएंगी। 5 इलेक्ट्रिक बसों के लिए अभी नोटिफिकेशन नहीं आया है। बीएस-6 बसें लंबे रूटों पर उतारी जाएंगी।- निरंजन शर्मा, जीएम, रोडवेज।