फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू की घटना से आईजीयू में अलर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
बीएचयू की घटना से आईजीयू में अलर्ट
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की घटना के बाद अब रेवाड़ी की इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी भी सुरक्षा को लेकर विवि प्रशासन चिंतित हो गई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही हर 15 दिन में सुरक्षा को लेकर मीटिंग करने का भी निर्णय लिया है। आईजीयू में करीब 4000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसमें से 80 फीसदी छात्राएं हैं। शहर से करीब नौ किलोमीटर दूर मीरपुर गांव में यूनिवर्सिटी का संचालन पहले ही चुनौतीपूर्ण है। वहीं पिछले दिनों बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में छात्राओं से छेड़छाड़ की घटना के बाद लाठीचार्ज ने सभी को चिंता में डाल दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके लिए एक विशेष रणनीति बनाई है। इसके तहत अब हर 15 दिन में सुरक्षा को लेकर बैठक होगी।

सीसीटीवी कैमरे की जद में सुरक्षा
यूनिवर्सिटी में हर जगह को सीसीटीवी कैमरे की जद में रखा गया है। करीब 400 सीसीटीवी कैमरे पूरे परिसर में लगे हैं। इनसे यूनिवर्सिटी में होने वाली घटनाओं की जानकारी मिलती है। यूनिवर्सिटी में दो गेट हैं। इनमें से एक मुख्य गेट है। वहीं एक गेट मीरपुर गांव की तरफ से है। दोनों ही गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। मुख्य गेट पर बाकायदा गार्ड रूम बनाया है। गेटों से आने-जाने वाले वाहनों की बाकायदा एंट्री की जाती है। वहीं मुख्य गेट के बाद पुलिस चौकी भी बनी है। इसी कैंपस में कन्या छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है। कन्या छात्रावास में करीब 200 छात्राओं के ठहरने की सुविधा है। यहां किसी भी तरह जाने की पुरुषों को अनुमति नहीं है। अगर कोई पुरुष टीचर भी वहां की तरफ जाता है तो बाकायदा उसकी एंट्री होती है। यहां तक की परिजन भी यहां नहीं जा सकते।
विज्ञापन


सुरक्षाकर्मियों की यूनिफार्म बदलने पर विचार
यूनिवर्सिटी में करीब 50 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। ये लोग 24 घंटे यूनिवर्सिटी की सुरक्षा में लगे रहते हैं। अभी फिलहाल इनकी ड्रेस खाकी है, जिसे पुलिसकर्मी पहनते हैं। बीएचयू की घटना के बाद अब यूनिवर्सिटी प्रशासन इसे बदलने पर विचार कर रहा है। इससे सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी का पता लग सके। वहीं मीरपुर गांव की तरफ टूटी बाउंड्री सुरक्षा के लिए काफी परेशानी पैदा कर रही है। इस तरफ कुछ काम किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के सामने शहर से यूनिवर्सिटी तक बसों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना बड़ी परेशानी है। यूं तो रेवाड़ी बस स्टैंड से प्रतिदिन रोडवेज बसों के 21 फेरे विद्यार्थियों को लाने-ले जाने के लिए लगते हैं। वहीं दो बसें यूनिवर्सिटी की भी लगी हुई हैं।
विज्ञापन


कोट
यूनिवर्सिटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, फिर भी इस दिशा में बेहतर कार्य करने का प्रयास किया जाएगा। सुरक्षाकर्मियों की यूनिफॉर्म बदलने पर भी विचार चल रहा है। रही बसों की बात तो इसके लिए भी विचार किया जाएगा। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. मदनलाल गोयल, कुलसचिव, आईजीयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें