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राजतंत्र में लोकतंत्र की व्यवस्था करने वाले थे महाराजा अग्रसेन : गीतानंद

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राजतंत्र में लोकतंत्र की व्यवस्था करने वाले थे महाराजा अग्रसेन : गीतानंद
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
महाराजा अग्रसेन एकमात्र ऐसे महाराजा थे जिन्होंने राजतंत्र में लोकतंत्र की व्यवस्था की। समाज के गरीब परिवार को एक रुपया, एक ईंट से मदद कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का जो कार्य महाराजा अग्रसेन ने किया वो किसी के बस की बात नहीं। यह विचार दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित गीतानंद संतोषानंद ने रविवार रात को अग्रवाल सभा की ओर से अग्रसेन जयंती के अवसर पर बाल भवन में आयोजित विराट हास्य कवि सम्मेलन में व्यक्त किए।
संतोषानंद ने तहलका ओर क्रांति फ़िल्म के गीत ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी, प्यार करले घड़ी दो घड़ी, ‘एक प्यार का नगमा है, मोजों की रवानी है, ‘दिल दीवाने का डोला, कश्मीर के लिए, मेरा रंग दे बसंती चोला, कश्मीर के लिए’ गाया तो श्रोता भावुक होकर उनके सम्मान में खड़े हो गए। बिहार निवासी हास्य कवि शम्भू शिखर ने अपनी कविता पाठ में लालू यादव को निशाना बनाते हुए कहा कि बिहार में जिसने जेल का उद्घाटन किया वो उसी में चले गए, इससे बड़ी जिम्मेवारी कौन निभा सकता है। बिहार में गठबंधन की सरकार टूटने व शराब बंदी पर कहा कि उल्टे तवे पर रोटियां सिकती नही ज्यादा, दारू के बिना दोस्ती टिकती नहीं ज्यादा। पीएम मोदी पर व्यंग कसा की शादी के बाद बीवी साथ न रहे तो इंसान का सीना इंच इंच कर बढ़ ही जाता है। हरियाण के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की जवानी ओर उत्तराखंड के एनडी तिवारी जैसे नेता के बुढ़ापे पर भी व्यंग कसे गए। कश्मीर समस्या का हल बताते हुए कहा कि कश्मीर की कुर्सी पर योगीनाथ को बैठा दो समस्या खत्म। उन्होंने महाराजा अग्रसेन को नमन करते हुए कहा कि अग्रवाल समाज ही संस्कृति की रक्षा करता है। भारत मे सबसे ज्यादा टैक्स वैश्य समाज ही भरता है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर कहा कि कुछ तो गिरने की चाहत में इतने गिर रहे है, बेटों की चाहत में बेटियों को गिरा रहे है।
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काका हाथरसी पुरस्कार से सम्मानित कवि महेंद्र अजनबी ने अपनों को भूलने पर ओर आज की राजनैतिक व्यवस्था पर व्यंगनात्मक तंज कसे। उत्तराखंड से पधारीं श्रृंगार रस की कवयित्री गौरी मिश्रा ने प्रेम रस की कविताओं का पाठ किया। लखनऊ से पधारे वीर रस के कवि प्रख्यात मिश्रा ने चाइना के डोकलाम, पाकिस्तान, जेएनयू, कश्मीर पर ओजस्वी काव्य पाठ कर पीएम से कहा कि न्यायालयों में वक्त न बर्बाद करो, चौराहों पर खड़ा करो, गोली मारो आजाद करो। वीर रस के एक और प्रख्यात कवि डॉ. अर्जुन सिसोदिया ने नेताओं पर व्यंगात्मक काव्यपाठ में कहा कि ‘मुल्क की समस्या का समाधान नहीं, सत्ता का रास्ता खोज रहे नेता’। मंच का कुशल संचालन कर रहे हास्य कवि प्रवीण शुक्ल ने नोटबंदी पर विचार रखे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ नई अनाजमंडी के प्रधान राधेश्याम मित्तल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अग्रवाल सभा के प्रधान राधेश्याम गुप्ता, उप प्रधान ब्रजलाल गोयल कोसली वाले, महासचिव विनयशील गोयल, कोषाध्यक्ष नरेश मित्तल, सह सचिव सतेंदर अग्रवाल, जयंती समारोह समिति के चैयरमेन सुरेश अग्रवाल गोकलगढ़ आदि मौजूद थे।
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