रेवाड़ी। दिनभर शहर से आवागमन करने वाले करीब एक लाख वाहनों को नियंत्रण करने व शहर को जाम मुक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का सिस्टम की सुस्ती ने बेकार साबित कर दिया है। सरकुलर रोड पर रहने वाली जाम की स्थिति से निपटने के लिए नगर परिषद ने 20 लाख रुपये खर्च करके ट्रैफिक लाइटें तो लगा दी, लेकिन न तो पुलिस ने उसके अनुरूप यातायात का संचालन किया तथा न ही पीडब्ल्यूडी ने ट्रैफिक लाइटों के अनुरूप चौराहों को तैयार किया। नतीजा ट्रैफिक लाइट के सिग्नल कबाड़ में बदल गए हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद की तरफ से पांच साल पहले सरकुलर रोड पर लगने वाले जाम को देखते हुए धारूहेड़ा चुंगी तथा नाईवाली चौक पर ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थी। उस समय लगभग 20 लाख रुपये की लागत से ये लाइटें लगवाई गई थी, लेकिन लगने के बाद से ही इन लाइटों का उपयोग नहीं हो पाया। कुछ समय पश्चात कुछ लाइटें भी खराब हो गई। ट्रैफिक लाइटों का मुद्दा उठने पर इनकी मरम्मत कराकर दोबारा भी चालू कराया गया था, लेकिन फिर उपयोग नहीं होने के कारण लाइटें बंद हो गई। इन लाइटों पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी इनका उपयोग नहीं होने से शहर के सरकुलर रोड पर आज भी ट्रैफिक यातायात पुलिस को संभालना पड़ता है। सुबह-शाम के समय ट्रैफिक इतना अधिक हो जाता है कि आधे आधे घटें यहां जाम लगा रहता है। त्योहार एवं वैवाहिक सीजन के दौरान पूरे सरकुलर रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती हो जाता है। बस स्टैंड से नाईवाली चौक की दूरी तय करने में ही एक घंटे का समय लग जाता है। बावजूद इसके पुलिस की तरफ ट्रैफिक के अनुरूप यातायात चलाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
जान जोखिम में डालकर कर चौराहा पार
शहर के दिल्ली रोड स्थित राव अभयसिंह चौक पर होने वाले हादसों को देखते हुए नगर परिषद ने बाद यहां पर भी ट्रैफिक लाइट लगवाई थी। कुछ समय तो ट्रैफिक लाइटों के अनुरूप ट्रैफिक का संचालन हुआ, लेकिन अब लगभग दो साल से यहां पर भी लाइटें खराब पड़ी है। ऐसे में इस चौराहे पर कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
चार प्वाइंटों के लिए 38 पुलिसकर्मी
शहर में सरकुलर रोड पर जाम के चार प्वाइंट है जिन पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस द्वारा 38 पुलिसकर्मियों एवं होमगार्ड की ड्यूटी लगाई हुई है। धारूहेड़ा चुुंगी, बावल चौक, नाईवाली चौक तथा झज्जर चौक पर हमेशा जाम की स्थिति रहती है। ट्रैफिक लाइटों का उपयोग नहीं होने के कारण इतनी बड़ी संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। इसके बावजूद सुबह-शाम जाम से राहत नहीं मिलती है।
निश्चित रूप से इन ट्रैफिक लाइटों का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। नगर परिषद की ओर ट्रैफिक लाइटों को ठीक करा दिया गया था। यातायात पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वह ट्रैफिक लाइटों के हिसाब से यातायात को सुचारु कर। मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी रेवाड़ी नप।
ट्रैफिक लाइटें सही तरीके से नहीं लगाई है, जिसकी वजह से यातायात का संचालन लाइटों के हिसाब से नहीं हो पा रहा है। वैसे भी लाइटें ठीक नहीं है। रजनीश, ट्रैफिक इंचार्ज रेवाड़ी