रेवाड़ी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला देने में लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के 16 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल पहले ही बंद किया जा चुका है। अब इन स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों को आरटीई के तहत खाली सीटों का ब्योरा निर्धारित समय में विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। बार-बार समय दिए जाने के बावजूद स्कूलों ने सीटों की जानकारी अपलोड नहीं की। इसके कारण पोर्टल पर इन विद्यालयों की आरटीई सीटें प्रदर्शित नहीं हो सकीं और कई जरूरतमंद बच्चों को दाखिले का अवसर नहीं मिल पाया।
विभाग की ओर से अब नियमों के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बताया गया है कि छह हजार रुपये दाखिला फीस वसूलने वाले विद्यालयों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
गत वर्ष भी आरटीई सीटों का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराने वाले 20 से अधिक निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद किया गया था। निर्धारित जुर्माना जमा कराने के बाद ही इन विद्यालयों का पोर्टल दोबारा खोला गया था। इस बार भी विभाग ने पहले पोर्टल बंद किया और अब संबंधित स्कूलों पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।