रंग लाया दक्षिण हरियाणा एम्स संघर्ष समिति का संघर्ष, मनेठी में देश के 22वें एम्स को मिली मंजूरी
कुंड में जश्न, लड्डू बांटे, 123 दिनों से धरना और 93 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीण बोले- शिलान्यास होने के बाद ही यहां से उठेंगे
7 से 11
एम्स के निर्माण की घोषणा से ग्रामीणों में जश्न का माहौल, लड्डू बांअकर मनाई खुशियां----
अमर उजाला ब्यूरो
कुंड। केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को संसद में पेश किए अंतरिम बजट में देश के 22वें एम्स के मनेठी में बनने की घोषणा का जश्न मनाते हुए दक्षिण हरियाणा एम्स संघर्ष समिति ने लड्डू बांटे। 123 दिनों से धरना और 93 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि वह इस मांग को पूरा कराने वाले जनप्रतिनिधियों, केंद्र और प्रदेश सरकार का आभार जताते हैं लेकिन धरना स्थल से उसी दिन उठेंगे जिस दिन शिलान्यास हो जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश के जनस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि देश का 22वां एम्स बावल विधानसभा क्षेत्र के मनेठी में ही बनेगा।
ग्रामीणों ने घोषणा होते ही गांव के मंदिर में जाकर माथा टेक कर प्रसाद चढ़ाया। उसके बाद सभी ग्रामीण जिंदाबाद के नारे लगाते हुए धरना स्थल पर पहुंचें और लड्डू बांटे। संघर्ष समिति के प्रधान मनेठी गांव के सरपंच श्योताज यादव ने कहा कि जब एम्स निर्माण का शिलान्यास होगा, तभी आंदोलन खत्म किया जाएगा।
--------------------
चार जुलाई 2015 को बावल में की गई थी घोषणा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 4 जुुलाई 2015 को बावल में आयोजित जनसभा में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की मौजूदगी में मनेठी में एम्स खुलवाने की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर थी। ग्राम पंचायत द्वारा भूमि देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। ग्रामीण पंचायत ने करीब 200 एकड़ जमीन सरकार को देने की घोषणा कर दी थी।
----
तीस सितंबर 2018 को मुख्यमंत्री ने एम्स के निर्माण से किया था इंकार
मसानी बैराज पर 30 सितंबर 2018 को आयोजित कए कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मनेठी में एम्स की घोषणा को स्थानीय नेताओं द्वारा दबाव में कराई गई घोषणा बताते हुए एम्स के निर्माण से इंकार कर दिया था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद जिले के ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया था।
------
2 अक्टूबर 20 18 से शुरू किया गया था अनिश्चितकालीन धरना
मुख्यमंत्री द्वारा एम्स के निर्माण से इंकार करने के बाद ग्रामीणों में रोष पनपने लगा था। ग्रामीणों ने बैठक कर सरकार के प्रति नाराजगी प्रकट की। इसके बाद दक्षिण हरियाणा एम्स संघर्ष समिति का गठन कर 2 अक्टूबर से सरकार के विरोध में कुंड के बस स्टैंड पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया था।
----
16 अक्टूबर को धरना स्थल पर ही महापंचायत
ग्रामीणों द्वारा आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए 16 अक्टूबर को धरना स्थल पर महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें पड़ोसी राज्य राजस्थान के समीपवर्ती अलवर जिले के ग्रामीणों के अलावा अनेक पार्टियों के नेताअें ने भी हिस्सा लिया। महापंचायत में मनेठी में एम्स के निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाने व मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा से मुकरने की निंदा की गई।
----
एक नवबंर से शुरू किया गया था क्रमिक अनशन
ग्रामीणों द्वारा धरना शुरू करने के बाद भी सरकार व जनप्रतिनिधियों द्वारा एम्स के निर्माण को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने कमेटी के आह्वान पर एक नवंबर से धरना स्थल पर ही 10-10 ग्रामीणों द्वारा अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया गया था।
11 नवंबर को 25 किलोमीटर की पदयात्रा
ग्रामीणों द्वारा 11 नवंबर को धरना स्थल से करीब 25 किलोमीटर तक पदयात्रा कर शहर के लघु सचिवालय पहुंचकर उपायुक्त को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर एम्स के निर्माण की मांग की गई। इस पदयात्रा में करीब 10 हजार ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
------
21 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
एम्स के निर्माण की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने 21 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंच कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदेश में भी जिले के अलावा महेंद्रगढ़ व राजस्थान के दर्जनों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
------
एक जनवरी 2019 को धरना स्थल पर सद्बुद्घि हवन
संघर्ष समिति के आह्वान पर ग्रामीणों ने धरना स्थल पर एक जनवरी को सुबह जन प्रतिनिधियों की सद्बुद्घि के लिए हवन का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों द्वारा ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
----
27 जनवरी को जेल भरा आंदोलन
ग्रामीणों द्वारा पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 27 जनवरी को जेल भरो आंदोलन किया गया, जिसमें करीब10 हजार ग्रामीणों ने अपनी गिरफ्तारियां देकर विरोध प्रकट किया। इस आंदोलन में पुरुष, महिलाओं के लिए बच्चों ने भी हिस्सा लिया। कुंड पुलिस चौकी को ही जेल का रूप देकर ग्रामीणों की गिरफ्तारी की गई। इस दौरान ग्रामीणों को काफी परेशान का सामना करना पड़ा था।
पांच दर्जन से अधिक गांवों के लोग आंदोलन में शामिल
ग्रामीणों द्वारा 123 दिन से किए जा रहे आंदोलन में आसपास के करीब पांच दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण शामिल हो रहे हैं। इसमें बच्चे, बूढे़, स्त्री-पुरुष सभी शामिल हो रहे हैं। इसमें जिले के अलावा महेंद्रगढ़ व समीपवर्ती अलवर जिले के ग्रामीण भी रोजाना शामिल हो रहे हैं।
------
ग्राम पंचायत ने दी 200 एकड़ भूमि
एम्स के निर्माण के लिए मनेठी ग्राम पंचायत ने गांव की बेशकीमती करीब 200 एकड़ भूमि सरकार के नाम स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुुरू कर दी थी। सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर युक्त पत्र जिला प्रशासन के पास भेज दिया गया था। एम्स निर्माण को लेकर ग्रामीण पूर्ण रूप से आश्वस्त थे।
------
कमेटी ने जताया अमर उजाला का आभार
ग्रामीणों के इस आंदोलन को प्रमुखता के साथ कवर करने पर कमेटी के सदस्यों ने अमर उजाला का आभार प्रकट किया है। समिति के प्रधान मनेठी के सरपंच श्योताज यादव ने कहा कि ग्रामीणों के आंदोलन को सार्थक करने में अमर उजाला की भूमिका लोकतांत्रिक मूल्यों पर खरा उतरने वाली रही है। मनेठी एम्स की स्वीकृति में समाचार पत्र की भूमिका प्रशंसनीय है।
अंतरिम बजट में हरियाणा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बनाने की घोषणा का स्वागत किया है। एम्स बावल विधानसभा क्षेत्र के मनेठी गांव में ही बनाया जाएगा, जिस पर केंद्र सरकार ने मोहर लगा दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री पीयुष गोयल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मनोहर लाल व केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह का आभार प्रकट किया है। इसके अलावा 11 विधायकों का भी आभार प्रकट किया है जिन्होंने एम्स की मांग पत्र पर हस्ताक्षर किये थे। डॉ बनवारी लाल ने कहा कि मनेठी में एम्स खुलने से स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश एक कदम और आगे बढ़ेगा, इससे लोगो को बहुत लाभ मिलेगा। इसके साथ ही मंत्री ने ग्रामीणों द्वारीी शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए आभार प्रकट किया।