रेवाड़ी। डेंगू के रोजाना मरीज मिल रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 47 बुखार पीड़ितों के रक्त की जांच की गई, रिपोर्ट में डेंगू के 15 मरीज पाए गए हैं।
इनमें बास बिटोड़ी में 1, डूंगरवास में 1, बावल में 1, गादला में 1, राजपुरा खालसा में 1, गोठरा टप्पा में 1, खरखड़ा में 1, बिलियरी खुर्द में 1, जैनाबाद में 1, सरस्वती विहार में 2, विकास नगर में 1, आनंद नगर में 1, सेक्टर-4 में 1 और नीति कॉलोनी में 1 डेंगू का मरीज मिला है। कुल मरीजों की संख्या 194 पहुंच चुकी है, जिनमें से 165 मरीज ठीक भी हो चुके हैं।
शहर में डेंगू के मरीजों का लगातार बढ़ने का मुख्य कारण फॉगिंग बड़े पैमाने नहीं करवाना है, इसी वजह से डेंगू के अधिकतर मरीज शहर में ही मिल रहे हैं। अभी तक जिलेभर के 1635243 घरों की जांच की चुकी है। मच्छरों का लार्वा मिलने पर 3892 घरों के मालिकों को नोटिस दिया गया है। विभाग ने अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड और दो डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर में तैनात किए हुए हैं। सभी मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है।
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर में आसपास साफ-सफाई रखें। ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहें, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।
241 तालाबों में डलवाई 50 हजार गंबूजिया मच्छलियां
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी गई हैं। परिवहन विभाग से मंगाए गए 400 लीटर काला तेल व करीब 50 हजार गंबूजिया मछलियों को 241 तालाबों और 187 जगह ताजा पानी में छोड़ा गया है। टीम लगातार गांवों में भी सर्वे कर रही है।
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अभी तक मिले मरीज
रेवाड़ी शहर 96
सीएचसी गुरवाड़ा 17
सीएचसी मीरपुर 30
सीएचसी बावल 18
सीएचसी खोल 11
सीएचसी नाहड़ 22
वर्जन:
डेंगू को नियंत्रित करने को लेकर डोर टू डोर में लगी टीमों को सभी जगह चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं। जहां डेंगू के केस मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग कराई जा रही है। इस साल राहत की बात है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार केस कम मिल रहे हैं और लोग जल्दी ठीक हो रहे हैं। लोगों से आग्रह है कि डेंगू के लक्षण मिलने के बाद डॉक्टर के बिना परामर्श के इलाज न कराएं।
- डॉ. अमित यादव-डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी, रेवाड़ी