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नकेल कसेगी एसटीएफ

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यूपी की तर्ज पर काम करेगी हरियाणा पुलिस
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
सूबे के बड़े अपराधियों और बाहर से आकर संगीन अपराध करने वाले गैंगस्टर्स की अब खैर नहीं। इन पर नकेल कसने के लिए प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ का गठन होगा। यह स्थानीय पुलिस के साथ सहयोग कर अपराधों पर नियंत्रण लगाएगी। इस टास्क फोर्स को चार डीएसपी और दो स्पेशल एसपी ऑपरेट करेंगे। इसकी सीधी रिपोर्टिंग डीजीपी को होगी। हरियाणा के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बीएस संधू ने शनिवार को आईजी दक्षिण रेंज के ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यूपी, एमपी समेत कई राज्यों में काफी समय पहले से ही एसटीएफ काम कर रही हैं। सूबे में बढ़ते अपराधों पर नकेल कसने के लिए अब यहां भी एसटीएफ तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने साथ ही कहा कि एसटीएफ का काम जिला पुलिस के वर्क लोड को हल्का करना ही होगा। जिला पुलिस लोकल लेवल के क्राइम को कंट्रोल करने में अपना पूरा ध्यान दे सकें। इसके अलावा उन्होंने सूबे में कम पुलिसकर्मियों की दिक्कत भी जल्द पूरी होने की बात कही। बातचीत में आईजी एचएस दून, एसपी रेवाड़ी संगीता कालिया, एसपी नूंह नाजनीन भसीन, एसपी पलवल सुलोचना कुमारी और एसपी नारनौल अनिल धवन भी मौजूद रहे।

चौथाई फोर्स कम, 6500 सिपाहियों की अगले माह ट्रेनिंग
डीजीपी ने कहा कि सूबे में बढ़ते अपराध के पीछे पुलिस बल की कमी है। वर्तमान में 15 हजार के करीब पुलिसकर्मियों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जल्द ही यह समस्या दूर होगी। पूर्व में 6500 सिपाहियों के पदों पर रोक खत्म हो गई है। अब इनके इंटरव्यू 1 जून से 20 जन तक चल रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अगले माह ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। जो ट्रेनिंग के बाद सूबे की पुलिस में शामिल होंगे। अन्य रिक्त पोस्ट को भी भरने के लिए जल्द ही पुलिस भर्ती होगी। इसमें पूरे प्रदेश में 450 सब इंस्पेक्टर्स की सीधी भर्ती होगी। इसमें से 67 महिला सब इंस्पेक्टर होंगी ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों में जल्द और सही जांच हो सके। इसके अलावा 6 हजार पुरुष और एक हजार महिला पुलिसकर्मियों की भी भर्ती होगी। इसके लिए आवेदन करने की तिथि अगले कुछ दिनों में घोषित कर दी जाएगी।
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बनेंगे मित्र कक्ष, हरियाणा 100 की मिलेगी सुविधा
इसके अलावा लोगों की समस्याओं पर त्वरित सुनवाई और जल्द समाधान के लिए मित्र कक्ष बनेंगे। इसकी शुरुआत रोहतक और करनाल से की जाएगी। कुछ जिलों में ये थाने वाइज होंगे। साउथ रेंज में फिलहाल ये कक्ष एसपी ऑफिस के साथ ही रखे जाएंगे। इनमें चरित्र प्रमाण पत्र, पासपोर्ट एवं आर्म्स वैपन का काम भी होगा। यह काम छह माह में शुरू हो जाएगा। इसके अलावा फेक कॉल की समस्या से पुलिस को निजात दिलाने और लोगों की कंट्रोल रूम तक कॉल आराम से लगने के लिए हरियाणा 100 की सुविधा भी जल्द ही मिलेगी। जिसमें एक ही कॉल पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी सूचित किया जा सकेगा। इसका कंट्रोल रूम पंचकूला होगा। इसके साथ सभी किराए के या कंडम भवनों में चल रहे थानों के लिए जगह चयनित कर अगले 15 महीनों में काम शुरू करवा दिया जाएगा, जो कि लगभग 6 महीनों में बनकर तैयार हो जाएंगे। वहीं पुलिस की कंडम और पुरानी पीसीआर के बदले उन्होंने सुविधाओं से लैस 600 नए चार पहिया वाहन मिलेंगे।

साइबर क्राइम रोकने के लिए होंगे एक्सपर्ट
जिले के साथ ही सूबे में बढ़ने वाले साइबर क्राइम को भी डीजीपी ने पुलिस के लिए बड़ी चुनौती माना। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम ट्रेस करने और साइबर क्रिमिनल्स को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए गुरुग्राम में स्पेशल सिस्टम काम करेगा। इस सिस्टम के लिए बाहर से साइबर एक्सपर्ट हायर किए जाएंगे। साथ ही कहा कि बाहर से आकर सूबे मेें काम कर रहे लोगों की डिटेल सुनिश्चित करने के लिए इंडस्ट्रियल सेक्रेट्री और लेबर वेलफेयर डिपार्टमेंट के साथ मीटिंग की जाएगी। संधू ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है। एक जुलाई के बाद नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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स्ट्रैस कम करने के उपाय
डीजीपी ने बताया कि पुलिस पर अत्यधिक काम के दबाव के चलते बहुत स्ट्रैस रहता है। इसे कम करने के उपाय किए जा रहे हैं। साथ में पुलिसकर्मियों के लिए प्रदेश में तीन हजार घर बनाए जा रहे हैं। पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए स्कूलें भी बनवाई जा रही हैं। साथ ही मंडे परेड अनिवार्य कर दी है। इसमें अधिकारी पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनेंगे।
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