रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की ओर से जिले में कक्षा पहली से लेकर 8वीं तक की किताबों को भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पहली से 8वीं कक्षा तक की कुल 14 हजार किताबें आई हैं। अभी कुछ विद्यालयों में पूरी कक्षाओं की किताबें नहीं पहुंच सकी है, किसी विद्यालयों में कक्षा छठी से लेकर 7वीं तक तो किसी विद्यालय में 5वीं से लेकर छठी तक की ही किताबें पहुंची है। वहीं, इस बार पिछले साल से सबक लेते हुए शिक्षा विभाग ने पुस्तक समय पर आए इसे लेकर तैयारी तो अच्छी की थी, लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं पेच फंस ही गया।
फिलहाल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निदेशालय की ओर से विद्यालय में किताबें भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सभी विद्यालयों में सभी विषयों की किताबें उपलब्ध हो जाएंगी। शिक्षा निदेशालय की तरफ से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें हर साल दी जाती हैं। कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक करीब 40 हजार पुस्तकों की जरूरत है। अब पुस्तकें विभाग के पास आनी शुरू हो चुकी हैं। वहीं, जैसे-जैसे दाखिला हो रहा है, विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। उसी हिसाब से पुस्तक वितरित किया जा रहा है।
1 से 8वीं कक्षा में पढ़ते हैं 40 हजार बच्चे :
सरकारी विद्यालयों में पहली से 8वीं कक्षा तक करीब 40 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनके लिए निदेशालय की ओर से किताबें पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इनमें अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान सहित अन्य विषय शामिल है।
विद्यार्थी कर सकेंगे सुचारू रूप से अपनी पढ़ाई
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान धर्मेंद्र यादव का कहना है कि सरकारी स्तर पर कहीं ना कहीं खामियां रहती हैं। इन्हें समय-समय पर दूर भी किया जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बच्चों को किताबें कई-कई महीने लेट मिलती रही है। फिलहाल अभी कुछ कक्षाओं की पुस्तकें नहीं आई है, जोकि चिंता का विषय है, जल्द पुस्तकें आनी चाहिए।
वर्जन :
इस बार नए सत्र में कक्षा एक से लेकर 6वीं और कक्षा 8वीं की सभी किताबें विभाग के पास पहुंच चुकी हैं। कुछ विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। बची किताबें जल्द ही आने की उम्मीद है।
-चरण सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक