अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। एस्मा के तहत दर्ज मामलों में राहत और रोडवेज बेड़े में निजी बसों को शामिल करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल 17वें दिन वीरवार को भी जारी रही। वहीं हरियाणा कर्मचारी महासंघ के बिजली कर्मचारियों की हड़ताल असरदार रहीं। सेक्टर एक स्थित जवाहरला नेहरू पार्क में धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फिलहाल हड़ताल समाप्त होने के आसार कम ही नहीं आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्राइवेट बसों को परमिट दिए जाने व अन्य मांगों के विरोध में रोडवेज कर्मियों द्वारा हड़ताल की जा रही है। कर्मचारियों द्वारा काम को छोड़कर पिछले 17 दिन से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान सरकार के साथ दो बार असफल वार्ता हो चुकी है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार जब तक उनकी मांगों को नहीं मानेगी कर्मचारियों द्वारा हड़ताल जारी रहेगी। उधर, सरकार ने भी हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अखतियार कर रखा है। इस अवसर प्रधान उधम सिंह, प्रधान रवि यादव, प्रधान बीर सिंह, प्रधान कैलाश चंद गुर्जर, प्रधान राजपाल यादव, नरेंद्र दखौरा, प्रवीण यादव, संजय कुमार व रविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
एक इंस्पेक्टर, 15 सब इंस्पेक्टरों ने संभाला काम
हड़ताल के दिनों में हो रही लगातार बढ़ोतरी की वजह के साथ कर्मचारियों का सस्पेंड करने के बाद कुछ कर्मचारी हड़ताल बीच में छोड़कर काम पर लौट रहे हैं। वीरवार को रोडवेज विभाग के एक इंस्पेक्टर 15 सब इंस्पेक्टर ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। वहीं बुधवार को भी तीन निरीक्षक और एक चालक ने ड्यूटी ज्वाइन की थी। मंगलवार को भी 16 गिरफ्तार किए गए कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। फिलहाल हड़ताल पर रोडवेज के 384 कर्मचारी बचे हैं जिसमें सबसे अधिक 182 परिचालक हैं। रोडवेज प्रबंधन ने अनुबंध के आधार पर लगे चालक और परिचालकों के माध्यम से 117 बसों का संचालन किया।