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यन से पहले पहुंचे असिस्टेंट प्रोफेसरों के मामले में जांच शुरू

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चयन से पहले विवि पहुंचे प्रोफेसर: जांच कमेटी गठित, 29 जून को सुनेगी पक्ष
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में 13 जून को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक से पहले चार असिस्टेंट प्रोफेसरों के विश्वविद्यालय पहुंचने के मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। जांच कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर 29 जून को इस मामले में शिकायतकर्ता को बुलाया है। एमबीए विभाग के लिए चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमानुसार परिषद की बैठक के बाद नियुक्ति पत्र जारी किया जाता है लेकिन चारों अभ्यर्थी परिषद की बैठक से पहले ही सुबह विवि में पहुंच गए थे। इनके विवि में मौजूद होने का विडियो सामने आने और इस मामले में शिकायतकर्ता प्रो. बलकार सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर भी भर्तियों में धांधली का आरोप लगाकर एक विडियो जारी किया था। अगले दिन यह समाचार सभी समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। इसके बाद अब विवि की तरफ से मामले को जांच कमेटी गठित की गई है।
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उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की तरफ से जनवरी माह में एमबीए विभाग के लिए चार असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन के बाद से भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक के बाद सेलेक्ट करके उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाता है। इसी बीच इस भर्ती में उस समय नया मोड़ आ गया जब इन चार पदों के लिए होने वाली भर्तियों के लिए केवल चार ही अभ्यर्थी काउंसिल की बैठक से पहले ही विश्वविद्यालय में पहुंच गए थे। इसके बाद विवि के वाइस चांसलर की तरफ से कमेटी गठित की गई जो कि इस भर्ती प्रक्रिया की जांच करेगी। 29 जून को कमेटी ने शिकायत कर्ताओं के साथ चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों को बुलाया है।
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