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2019 का चुनाव बदल देगा देश की तकदीर : सैनी

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सैनी की जनसभा: विरोध के दौरान अटकी रहीं प्रशासन की सांसें
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
लोकतंत्र सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की जनसभा का रविवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समितिरेवाड़ी ने विरोध जताया। सैनी रविवार को बावल के राजकीय स्कूल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। संघर्ष समिति के लोग नंगली परसापुर मंदिर में एकत्रित हुए। यहां से सैनी विरोध करते हुए सभास्थल की तरफ बढ़ने लगे। इनको रास्ते में रोककर पुलिस ने हिरासत में लिया, बाद में सभी को छोड़ दिया गया। सैनी की सभा समाप्त होने के बाद सभास्थल पर कुछ पत्थर भी गिरे। इसके अलावा कुछ लोगों ने सभास्थल के बाहर रैली में आए एक वाहन को आग लगाने की कोशिश भी की। उसे समय रहते बुझा दिया गया। इससे पूर्व शनिवार देर रात राजकुमार सैनी को पुलिस प्रशासन द्वारा जनसभा आयोजित करने की परमिशन दी गई। सैनी की जनसभा को लेकर पुलिस प्रशासन की सांसें अटकी रहीं।

जनसभा को लेकर मशक्कत
सांसद राजकुमार सैनी की जनसभा को लेकर आयोजकों को भी खासा संघर्ष करना पड़ा। शनिवार देर रात जनसभा को लेकर जिला प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि बीते दो दिनों से बावल में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी और जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से विरोध भी दर्ज कराया गया था। परमिशन नहीं मिलती देख आयोजकों ने पहले अंबेडकर पार्क में टेंट लगवाना शुरू करा दिया था जिसे पुलिस ने उखड़वा दिया। रात एक बजे आयोजकों को बताया गया कि उनको राजकीय स्कूल में जनसभा करने की अनुमति मिली है। बाद में राजकीय स्कूल में टेंट लगवाया गया। जनसभा आयोजन को लेकर कितनी मशक्कत हुई इसके बारे में सांसद सैनी ने अपने भाषण में भी इशारा किया कि रात एक बजे तक काले बादल छाए थे जो सुबह जाकर शांत हुए हैं। दो डीएसपी और 300 के करीब पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी जनसभा स्थल पर थी। उधर, डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि सभा से पूर्व कुछ लोग विरोध कर रहे थे। उन्हें समझा दिया गया।
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जींद रैली में होगा बड़ा फैसला
दूसरी तरफ बावल के राजकीय स्कूल में आयोजित जनसभा में सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि वर्ष 2019 का चुनाव देश की तकदीर बदल देगा। हम देश में ऐसी क्रांति लाएंगे कि ऊंच-नीचे का भेद ही समाप्त हो जाएगा। सैनी ने कहा कि नई पार्टी के गठन का फैसला 26 नवंबर को जींद में होने वाली रैली के बाद ही लिया जाएगा। वहां जनता जो कहेगी वही हम कहेंगे। हां यह जरूर है कि हमारा उद्देश्य एक परिवार से एक रोजगार दिलाना है। साथ ही भर्ती युवाओं से एफिडेविट भी भराया जाएगा। जिसमें लिखा जाएगा जो भी कम तनख्वाह लेना चाहेगा उसे पहले अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियों में काफी असमानता आ गई है। आज ये मोटी तनख्वाह वाले ही हड़ताल करते हैं। जहां सरकारी नौकरियों में तनख्वाह लाखों में पहुंच गई है। वहीं निजी क्षेत्र में हजारों में ही है। कभी भी बस ड्राइवर या निजी स्कूल के शिक्षक हड़ताल नहीं करते। साथ ही कहा कि एक ओर जहां-जहां कई जगह काम पर मजदूरों को 250 रुपये की दिहाड़ी दी जाती है। वहीं कई बार किसानों को 500 रुपये दिहाड़ी पर भी मजदूर नहीं मिलते। हम ऐसी व्यवस्था लाएंगे कि मजदूरों को 250 रुपये सरकार दे और 250 रुपये किसान दे।
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कांग्रेस पर कसा तंज
सैनी ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी और 17 करोड़ थे। आज 130 करोड़ की जनसंख्या में 78 करोड़ लोग गरीब है। प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था। आज भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उसी नारे पर चल रहे हैं। पिछली 15 लोकसभा में 12 बार कांग्रेस की सरकार रही। नारों से गरीबी नहीं हटती। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के समय सरकार वल्लभ भाई पटेल के हाथों में देश आता तो आज देश की यह दुर्दशा नहीं होती।
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हुड्डा को भी घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन पर जात-पात के नाम पर जहर घोलने का आरोप लगाते हैं। सच तो यह है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद ही जात-पात की राजनीति करते हैं। हुड्डा ने तो खुद कहा है कि वह जाट पहले हैं। मुख्यमंत्री बाद में। अब हुड्डा किसानों के लिए सभाएं करते हैैं। तीन साल पहले उनकी सरकार थी। उस समय क्या कर लिया था।
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ले लूंगा राजनीति से सन्यास
उन्होंने कहा कि लोग मुझ पर विवादित बयानबाजी करने का आरोप लगाते हैं। मैंने आज तक किसी जाति या नेता के खिलाफ नहीं कहा। अगर कोई बता दे तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा। इससे पूर्व मंच के राष्ट्रीय महासचिव सतीश यादव, अशोक दीक्षित, हनुमान प्रसाद, मीडिया प्रभारी शमशेर कौशिक, रामराज शर्मा, महेश जैन, तेजवीर सैन, लेखराम मेहरा ने भी विचार रखे।
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