गुरुग्राम में राज्य मानवाधिकार कार्यालय खोलने पर चल रहा है विचार : मित्तल
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एसके मित्तल ने कहा कि राज्य मानव अधिकार का कार्यालय गुरुग्राम में खोले जाने का विचार चल रहा है। यह कदम दक्षिण हरियाणा के लोगों की सुविधा के लिए उठाया जा रहा है ताकि यहां के लोगों को अपनी शिकायत के निवारण के लिए चंडीगढ़ तक नहीं जाना पड़ेगा। आयोग जिलों में ही कोर्ट लगाकर मामलों की सुनवाई करेगा ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके और उनको बार-बार चंडीगढ़ तक नहीं आना पड़े। 27 जुलाई को झज्जर में रोहतक, रेवाड़ी, भिवानी व झज्जर के लोगों की शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
चेयरमैन एसके मित्तल रविवार को शहर के आस्था कुंज व वृद्धाश्रम का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने बच्चों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आस्था कुंज में रह रहे बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना हम सब का कर्तव्य है। इसके लिए सभी सामूहिक रूप से प्रयास करें ताकि इन बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इन बच्चों के रहने खाने-पीने, शिक्षा के साथ सामाजिक संस्कार देने का जो प्रयास किया जा रहा है वह सराहनीय है। इनके कार्यक्रमों को देखकर लगता है कि प्रतिभा निखारने के लिए इन्हें सही प्लेटफार्म प्रदान कर उचित कदम उठाये जा रहे हैं। इस कार्य से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाएं, आम नागरिक व जिला प्रशासन इस बात के लिए बधाई के पात्र हैं कि वे अपने जिम्मेदारी समझकर इस पुण्य के कार्य से जुटे हुए हैं। इन बच्चों को शिक्षित व संस्कार बनाकर इन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी मदद करनी चाहिए ताकि वे अपने पैरों पर खडे होकर अपने परिवार का पालन पोषण अच्छी प्रकार से कर सकें तथा सामाजिक संस्कारों के साथ समाज से जुड सकें। उन्होंने आस्था कुंज में रह रहे सहवासियों से आग्रह किया कि वे बुजुर्ग होने के नाते इन बच्चों को अच्छे सामाजिक संस्कार दें ताकि वे महसूस कर सके कि वे एक परिवार में रह रहे है। यह संस्था उनके लिए एक घर है और यहां रह रहे बच्चे उनका परिवार है। वे आपस में एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
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निरीक्षण कर सुविधाओं का लिया जायजा
उन्होंने आस्था कुंज का निरीक्षण करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने इस मौके पर वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया तथा बुजुर्गों से उनके रहन सहन खानपान के बारे में जानकारी ली, जिस पर सहवासियों ने बताया कि उन्हें सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा रही है तथा किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। वृद्धाश्रम में रह रहे सबसे बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि उन्हें यहां की सुविधाओं और देखरेख के पीछे कभी भी अपने परिजनों की याद तक नहीं आती हमें बहुत ही अच्छे ढंग से रहने के लिए यहां रहने की सुविधा मिली हुई है।
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जल्द बनेगा नया वृद्धाश्रम
उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि जल्द ही ओल्ड एज होम का नया भवन बनाया जाएगा इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। ओल्ड एज होम में सभी सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए इसी प्रकार की ड्राइंग तैयार की गई है। ओल्ड एज होम का नया भवन बन जाने से यहां पर रहने वाले लोगों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आस्था कुंज में रह रहे बच्चों और वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को दी जाने वाली सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आस्था कुंज में फिलहाल 36 बच्चे रह रहे हैं। वृद्धाश्रम में 15 बुजुर्ग रह रहे है। उनका प्रयास है कि यहां पर रह रहे बच्चे अच्छी शिक्षा पाकर उंचे पदो पर पहुंचे तथा देश के लिए सेवा करें।
कार्यक्रम के समापन पर चेयरमैन एसके मित्तल, उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, आयोग के रजिस्ट्रार एससी गोयल, जिला सत्र एवं न्यायाधीश मनीषा बतरा व पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने आस्था कुंज परिसर में पौधरोपण भी किये तथा बच्चों व वृद्धजनों को फल व मिठाई भी वितरित की। इस अवसर पर आस्था कुंज में रह रहे बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। इस अवसर पर एसीजेएम मोहित अग्रवाल, सीजेएम कीर्ति जैन, उपमंडल अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रेणु बाला, जिला बाल कल्याण अधिकारी विरेंद्र यादव, बाल कल्याण कमेटी के सदस्य राजेश भार्गव, रजनी भार्गव व उपासना गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।