रेवाड़ी। अहीरवाल क्षेत्र में ग्रामीण परिवेश की संस्कृति व लोकप्रिय गीतों के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार के लिए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए 12 ग्राम पंचायतों में पंचायत ग्रामीण विकास विभाग की ओर से महिला संस्कृति केंद्र बनाए जा रहे हैं। जिनका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। महिला संस्कृति केन्द्रों के लिए विभाग की ओर से पंचायतों के पुराने भवनों को चयनित किया गया है जिनकी फिलहाल मरम्मत की जा रही है। इस परियोजना के लिए निदेशालय से 1.61 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिली है। इसमें सभी महिला संस्कृति केन्द्रों के लिए बिल्डिंग की मरम्मत करने से लेकर वाद्य यंत्र तथा अन्य उपकरण खरीदने तक का बजट शामिल है।
ग्रामीण परिवेश की संस्कृति होगी विकसित
इन केंद्रों से अहीरवाल क्षेत्र में ग्रामीण परिवेश की संस्कृति विकसित होगी और सदियों से चले आ रहे लोकप्रिय गीतों का संरक्षण के साथ प्रचार-प्रसार होगा। इन महिला संस्कृति केन्द्रों में ग्रामीण महिलाएं फ्री वक्त में गीत गाने के साथ नृत्य भी प्रस्तुत कर सकेंगी। इसके साथ ही इन केन्द्रों में विभाग की ओर से ढोलक, ढ़ोल, नगाड़ा, मंजीरा, डफली, खड़ताल, स्पीकर, माइक व अन्य वाद्ययंत्र रखे जाएंगे। गीत सुनने वाले लोगों के भी केन्द्रों में बैठने के लिए व्यवस्था की जाएगी। श्रोताओं व महिला कलाकारों के लिए विभाग में पानी का इंतजाम करेगा। खास बात है, इन केन्द्रों में ग्रामीण महिलाएं अपने बच्चों को भी लाएं ताकि उन्हें संस्कृति भी गीत सुनने व अपनी यानी अहीरवाल की संस्कृति विकसित होगी और सदियों संस्कृति को जानने का मौका मिनेगा। बता दें कि लोकगीत अपनी लोच, ताजगी और लोकप्रियता में शास्त्रीय संगीत से भिन्न होते हैं। लोकगीत सीधे जनता के संगीत हैं। ये घर गांव और नगर की जनता के गीत हैं। त्यौहारों और विशेष अवसरों पर आमतौर पर ग्रामीण महिलाएं इन्हीं गीतों को गाती हैं। आज के दौर में युवाओं से लेकर बुजुर्ग व महिलाएं शादी-ब्याह में फिल्मी गीत पर ही नृत्य करना पसंद करते हैं। ऐसे में ग्रामीण व लोकप्रिय संस्कृति को बढ़ावा देने व फिर से अधिक प्रचलन में लाने के लिए पंचायत विभाग ने यह बड़ा कदम उठाया है।
इन पंचायतों में बनेंगे केंद्र
पंचायत विभाग की ओर से पावटी, पीथड़ावास, बवाना गुर्जर, धामलावास, कुंडल, अलावलपुर, जाहिदपुर, खटावली, मालाहेड़ा, नारायणपुर, गोकलगढ़, बुडानी ग्राम पंचायतों में महिला संस्कृति केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनसे यहां के क्षेत्रीय लोकप्रिय नृत्य व संगीतों को बढ़ावा मिलेगा। इन ग्राम पंचायतों की संगीत में रुचि रखने वाली महिलाओं को भी अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलेगा। इससे अहीरवाल क्षेत्र का संगीत और संस्कृति और ज्यादा लोकप्रिय होगी।
कोट
जिले की 12 ग्राम पंचायतों में महिला संस्कृति केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों को पंचायतों के पुराने भवनों में खोला जाएगा, जिसके लिए उनकी मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। परियोजना के लिए विभाग की ओर से 1.61 करोड़ के बजट को स्वीकृति मिली है। इस बजट से इन भवनों की मरम्मत से लेकर वाद्य यंत्र खरीदने तक का कार्य किया जाएगा।
- नरेंद्र गुलिया, कार्यकारी अभियंता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग