चालान काटने पर चालक रोड पर ओवरलोड डंपर छोड़कर भागे, हाईवे पर घेरकर 15 को जब्त कर वसूले नौ लाख
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर के सरकुलर रोड से होकर आने वाले ओवरलोड डंपरों पर शुक्रवार सुबह की गई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की टीम ने शहर के दिल्ली रोड स्थित पुलिस नाके के समीप जब ओवरलोड डंपरों के चालान काटना प्रारंभ किया तो चालक डंपरों को बीच सड़क में ही छोड़कर भाग गए। इस कारण सुबह डेढ़ घंटे से भी अधिक समय तक जाम की स्थिति बन गई। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे भी डंपरों की वजह से लगे जाम में फंस गए।
पुलिस ने शहर में दिन के समय तमाम भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। डंपर-ट्रक सहित अन्य भारी वाहन रात्रि आठ बजे से सुबह सात बजे तक ही शहर के अंदर से गुजरते हैं। नारनौल और राजस्थान से आने वाले बड़ी संख्या में डंपर रातभर शहर के नाईवाली चौक से सरकुलर रोड होकर दिल्ली रोड पर पहुंचते हैं। इनकी संख्या काफी अधिक होने के कारण सड़कों का भी कचूमर निकल रहा है। इनकी वजह से हादसों की भी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं शहर में सुबह एंट्री बंद होने के बाद डंपर सरकुलर रोड से गुजरते हैं जबकि उसी समय स्कूल बसों की संख्या काफी अधिक होती है। ऐसे में हादसों का भी डर बना रहता है क्योंकि ज्यादातर बच्चे सड़कों के समीप खड़े होकर अपनी बसों का इंतजार करते हैं। शुक्रवार को आरटीए विभाग की तरफ से सहायक सचिव की अगुवाई में दिल्ली नाका पर चालान काटने प्रारंभ शुरू हुआ। जब नाके पर डंपर पहुंचने लगे तो वहां आरटीए टीम को देखकर चालक अपने डंपरों के इंजन जीपीएस की मदद से बंद करके भाग गए। इसके पश्चात शहर से पुलिस नाका तक बंद 20 डंपरों से भी अधिक की कतार लग गई। कई डंपर चालक तो सड़क के बीच में ही डंपर छोड़कर भाग गए। इस कारण सड़क पर डेढ़ तक जाम की स्थिति बनी रही।
टीम लौटने पर लौटे आगे किए जब्त
डंपरों के बीच सड़क में छोड़कर भाग जाने के बाद जाने के बाद टीम में शामिल अधिकारी वापस चले गए जिसके बाद टीम के अधिकारी हाईवे पर पहुंचे। अधिकारियों के लौटने के बाद डंपर चालक अपने वाहनों के पास पहुंचे और उनको लेकर आगे रवाना हुए तो टीम ने हाईवे पर फिर डंपरों को रोक लिया और 15 ओवरलोड डंपरों को जब्त कर लिया।
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शुक्रवार सुबह दिल्ली नाका पर यह कार्रवाई की गई तो चालक जीपीएस से डंपरों को बंद करके भाग गए थे। इसकी वजह से काफी समय तक जाम की स्थिति बन गई थी लेकिन हमने परिस्थिति को समझा और वापस लौटे। इसके बाद हाईवे पर इनमें से 15 डंपरों को जब्त करके नौ लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। - सूरत सिंह सहायक सचिव, आरटीए।