सृजन गंगा काव्य गोष्ठी ने किया भाव विभोर
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नवोदित कवियों को काव्य पाठ का अवसर देने के उद्देश्य से आयोजित सृजन गंगा काव्य गोष्ठी में नए रचनाकारों की कविताओं ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकुला के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रृंगार, वीर, हास्य एवं करूण रस की ऐसी गंगा बही की तीन घंटे तक श्रोता कार्यक्रम में ताली बजाते रहे। रचनाकारों की कविताओं की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. एसएन सक्सेना ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को समय की मांग बताया। उन्होंने पाँच रचनाकारों को साहित्य सेवा के लिए सम्मानित किया।
सर्कुलर रोड़ स्थित जैन पब्लिक स्कूल के सभागार विद्या शरणालय में आयोजित कार्यक्रम की काव्ययात्रा में 26 रचनाकारों ने अपनी कविताओं से समां बांधा। उनकी कविताओं में जहाँ सामाजिक विसंगितयों पर कटाक्ष किया गया, वहीं राष्ट्रबोध एवं बिखर रहे सामाजिक ताने-बाने पर भी चिंतन के लिए विवश किया। कार्यक्रम में ग्रामीण परिवेश से आए रचनाकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
इस मौके पर धर्मेंद्र, नीता अग्रवाल, वंशिता, मधु चौहान, कृष्ण गोपाल, पूनम वधवा, सुरेंद्र, कंवर सिंह, ब्रिजेश यादव, विनय भटनागर, महेंद्र मधुर, दीपक, तनुज, डॉ.अजेश, अरूण गुप्ता, मुकुट, प्रेमपाल, जयसिंह, त्रिलोकचंद, महावीर निर्दोष, डॉ. सत्यवीर, डॉ. कंवर सिंह आदि ने अपनी रचनाएँ पढ़ी। प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष सुरेद्र जैन ने कार्यक्रम को अति उत्तम बताते हुए उसे विद्यालय के लिए गौरवशाली पल बताया और अतिथियों को स्मृति चिह्न से सम्मानित किया।
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साहित्यसेवी सम्मानित
साहित्य प्रेमी एवं समाजसेवी डॉ. एसएन सक्सेना ने साहित्य सेवा एवं नगर में साहित्यिक सन्नाटे को तोड़ने वाले रचनाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि इनके कार्यों पर शहर को नाज करना चाहिए। उन्होंने प्रो. आरसी शर्मा, विपिन सुनेजा, राजेद्र निगम, सत्यवीर नाहडिय़ा और गोपाल वशिष्ठ को उनकी सेवाओं के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।