फोटो नंबर- 28पंकज, विद्यार्थी, गांव-बुचावास
नारनौल। जिले में करीब 10 हजार विद्यार्थियों के पास बने हुए हैं। बस पास से विद्यार्थी रोडवेज बसों में तो सुगमतापूर्वक निशुल्क यात्रा का लाभ उठा रहे हैं लेकिन निजी बसों में पास से यात्रा करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार निजी बस संचालकों ने बस पास से निशुल्क यात्रा पर रोक के लिए कोर्ट में अपील दायर की हुई है। अब मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके चलते फिलहाल निजी बस में विद्यार्थियों के लिए निशुल्क सुविधा बंद है। इसलिए जब छात्र बस पास से सफर करते हैं तो निजी बस चालक या तो उनसे किराया लेते हैं या उन्हें बस में नहीं बैठाते हैं।
मंत्री ने दिए थे दो बस जब्त करने के निर्देश
निजी बस चालक व परिचालक द्वारा छात्राओं को बस में बैठाने से मना करने की शिकायत जन परिवेदना समिति की बैठक में दर्ज करवाई गई थी। इसमें जेल मंत्री अरविंद शर्मा ने दो निजी बसों को जब्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विद्यार्थियों को लगा कि वह निजी बसों में भी निशुल्क सफर कर सकते हैं लेकिन निजी बस संचालकों ने मंत्री से मिलकर उन्हें कोर्ट में मामले के विचाराधीन होने की बात बताई। इसके बाद बसों को जब्त करने के निर्देश वापस ले लिए गए।
निजी बस में चढ़ने से पहले ही परिचालक बोलने लग जाते हैं कि किराया हो तो ही चढ़ना जिससे शर्मिंदगी का अनुभव होता है। बस पास बनने के बाद कभी भी निजी बस में बिना किराया दिए सफर नहीं किया। हमें पता है कि निजी बस में बस पास सुविधा अभी जारी नहीं है। -पंकज, विद्यार्थी, गांव बुचावास
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निजी बस में सुविधा जारी होना या नहीं होना कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है लेकिन निजी बस परिचालकों को विद्यार्थियों के साथ उचित व्यवहार करना चाहिए। -भूपेंद्र, विद्यार्थी, गांव धनौंदा
वर्जन :
निजी बसों में विद्यार्थी निशुल्क सफर कर सकते हैं या नहीं इसको लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इसके चलते निजी बसों में निशुल्क सुविधा उपलब्ध नहीं हैं। -मनोज कुमार, आरटीए, नारनौल।