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Rewari News: सड़कों पर दौड़ रहे 10 साल पुराने डीजल ऑटो, नियम 3 का, बैठा रहे 14 सवारी

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शहर में थ्री व्हीलर ट्रैफिक नियमों को दरकिनार कर सवारी भरकर चलाते हुए। संवाद
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रेवाड़ी। मौजूदा समय में शहर से लेकर कस्बों तक में थ्री व्हीलर ट्रैफिक नियमों को दरकिनार करने में सबसे आगे हैं। तीन सीट में पासिंग होने के बावजूद एक ओर इनमें 14 तक सवारी बैठाई जा रही है, तो दूसरी ओर 10 साल पुराने डीजल आधारित ऑटो भी सड़कों पर खुलकर धुआं फैला रहे हैं।
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थ्री व्हीलर की पासिंग तीन सीटिंग की होती है। इससे ज्यादा सवारियां इनमें नहीं बैठाई जा सकती। ऑटो नगर परिषद या नगर पालिका की सीमा से 5 किलोमीटर के दायरे में सवारियां ढो सकते हैं। शहर से लेकर कस्बों तक में चल रहे बड़ी संख्या में थ्री व्हीलर इन नियमों की कोई परवाह नहीं कर रहे हैं। बावल रूट पर बणीपुर चौक पर बड़ी संख्या में ऑटो मौजूद रहते हैं। इन ऑटो में दो सवारी आगे, आठ बीच में और चार पीछे बैठाई जाती है। जब तक एक ऑटो में सवारियों की संख्या पूरी नहीं होती, तब तक यह ऑटो रवाना नहीं होते। इसी तरह से रेलवे स्टेशन से निकलने वाले ऑटो में सवारियों की संख्या निर्धारित से काफी ज्यादा होती हैं। जिले में तीन हजार ऑटो विभिन्न रूट पर दौड़ रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऑटो चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इन ऑटो में तीन की जगह सीट आठ से 11 तक लगवाई हुई हैं। पुराने ऑटो शहर में प्रदूषण को भी बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
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बीस किलोमीटर तक दूरी कर रहे तय
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से ऑटो को नगर परिषद या नगर पालिका के एरिया में पांच किलोमीटर तक सवारी बैठाने का परमिट दिया जाता है। परमिट के नियमों को ताक पर रखते हुए ऑटो चालक कई रूटों पर 20 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय कर रहे हैं। रेवाड़ी-धारूहेड़ा, रेवाड़ी-बावल, रेवाड़ी-कोटकासिम, रेवाड़ी नांगल मूंदी, रेवाड़ी-खोरी, रेवाड़ी पटौदी, रेवाड़ी-पाल्हावास व कई अन्य रूटों पर बड़ी संख्या में ऑटो का संचालन हो रहा है।
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रेलवे स्टेशन गेट पर जमकर मनमानी
रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर ऑटो चालकों की जमकर मनमानी देखने को मिलती है। ट्रेन आते ही बड़ी संख्या में ऑटो गेट पर खड़े हो जाते हैं। रेलवे स्टेशन का मुख्य गेट ऑटो से बाधित हो जाता है, जिस कारण स्टेशन पर जाने वाले यात्रियों के लिए वहां से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।

सड़क हादसों की रहती है आशंका
ऑटो में क्षमता से अधिक यात्री होने के बावजूद उन्हें अनियंत्रित स्पीड से भी चलाया जाता है। इससे सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। खासकर बावल व धारूहेड़ा रूट पर ऑटो चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। कई बार ऑटो के कारण हादसे हो चुके हैं। साथ ही शहर में चेन स्नैचिंग से लेकर जेब तराशी की सर्वाधिक घटनाएं ऑटो में ही होती रही हैं, जिससे कुछ ऑटो चालकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रह चुकी है।
वर्जन-
नियमों की पालना पर बरतेंगे सख्ती
दस साल पुराने ऑटो पर एक्शन शुरू किया जा चुका है। शनिवार को ही तीन ऑटो के चालान किए गए हैं। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। ऑटो चालकों को नियमों के साथ खिलवाड़ की छूट नहीं दी जाएगी।
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-सुरेंद्र सिंह, सचिव, आरटीए।

शहर में थ्री व्हीलर ट्रैफिक नियमों को दरकिनार कर सवारी भरकर चलाते हुए। संवाद

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