रेवाड़ी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सुनने में परेशानी से जूझ रहे पांच बच्चों को 10 श्रवण यंत्र वितरित किए गए। यंत्र पाने वाले बच्चों को अब सुनने में दिक्कत नहीं होगी।
सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है। जांच के दौरान जिन बच्चों में सुनने संबंधी समस्या सामने आती है, उन्हें आगे की चिकित्सा प्रक्रिया से जोड़कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार पांच बच्चों की पहचान सुनने में समस्या के आधार पर की गई थी। चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद इन बच्चों को कुल 10 श्रवण यंत्र प्रदान किए गए, ताकि उनकी सुनने की क्षमता में सुधार हो सके। हियरिंग एड मिलने से बच्चों को बातचीत समझने, पढ़ाई करने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने में मदद मिलेगी।
नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार रंगा ने कहा कि आरबीएसके योजना बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस योजना के तहत जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान और उपचार की व्यवस्था की जाती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर बच्चों की जांच करती हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे को सुनने, बोलने या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो तो उसकी अनदेखी न करें और तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य दिया जा सकता है।