प्रदेश में ठंड पिछले कई वर्षों के रिकार्ड तोड़ रही है। कई जिलों में तापमान जीरो से नीचे माइनस में पहुंच चुका है।
रेवाड़ी
जिले का तापमान दो दिन में सात डिग्री सेल्सियस गिरकर सोमवार सुबह -2
डिग्री पहुंच गया। तापमान में एकाएक गिरावट आने पर सोमवार सुबह खेतों में
पाला जम गया। पाला गिरने से सरसों की अगेती और सब्जी की फसल में नुकसान
होने की संभावना बन गई है। वहीं, हिसार में सोमवार का न्यूनतम तापमान माइनस
0.1 डिग्री रहा, हालांकि रविवार को तापमान माइनस 0.8 डिग्री था। नारनौल
में न्यूनतम तापमान -0.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
रेवाड़ी में यूं गिरा तापमान
20
दिसंबर के बाद से रेवाड़ी जिले के न्यूनतम तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज
की जा रही थी। 25 दिसंबर को न्यूनतम तापमान जहां 8 डिग्री सेल्सियस था,
वहीं 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान गिरकर पांच डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया
था। रविवार को तापमान में भारी गिरावट आई और सोमवार को पारा गिरकर माइनस 2
डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। अधिकतम तापमान रविवार को 18 डिग्री था, वहीं
सोमवार को घटकर 16 डिग्री सेल्सियस हो गया है।
दो दिन तक चलेंगी शीत लहर
हिसार।
हिसार में सोमवार का न्यूनतम तापमान माइनस 0.1 डिग्री और अधिकतम तापमान
19.3 दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामनिवास ने बताया कि अगले दो
दिनों में शीत लहर चलने की संभावना है।
पाला जमने से सरसों की
अगेती फसल की फलियों में दाने की जगह पानी आ जाता है। इसी प्रकार सब्जियां
भी पाला जमने से खराब होने लग जाती हैं।
- हरि सिंह बिश्नोई, उपनिदेशक कृषि, रेवाड़ी