हरियाणा सरकार व कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली को लेकर कटघरे में खड़ा करने वाले सांसद राव इन्द्रजीत सिंह की बेटी ने हरियाणा इंसाफ कांग्रेस राजनैतिक पार्टी का गठन करने का ऐलान करने पर प्रदेश की राजनीति में तूफान आ गया है।
नई पार्टी के गठन के बाद राव के पास चुनावों में जहां सारे विकल्प खुले हैं, वहीं राव की बेटी के कदम से कांग्रेस में राजनैतिक भूचाल आने के साथ दक्षिणी हरियाणा में सीएम का स्तुतिगान करने वाले कांग्रेसियों की नींद उड़ गई है।
भाजपा-हजकां गठबंधन भी नई पार्टी के ऐलान से सकते में आ गया है। अब देखना यह है कि चंडीगढ़ की कुर्सी पर राव की बेटी की इंसाफ कांग्रेस पहुंचती है या फिर उनके समर्थन से जीतने वाला दल कुर्सी पाता है।
गुड़गांव के सांसद राव इन्द्रजीत सिंह लंबे समय से प्रदेश सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर कांग्रेस पार्टी को सीएम की जेबी पार्टी घोषित कर चुके हैं।
3 मार्च का राव ने पटौदी में इंसाफ मंच बनाने की घोषणा कर पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को अपनी मंशा से अवगत करा दिया था। राव की बेटी की पार्टी का ऐलान हुड्डा समर्थक उन नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है जो पिछले एक पखवाड़े से राव के बयानों को दूसरी पार्टी में जाने का बहाना बता रहे थे।
उधर भाजपा भी इस बात को लेकर आश्वस्त थी कि राव कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में आएंगे, लेकिन राव के नए राजनैतिक पैंतरे ने सबको आश्चर्य चकित कर दिया है।
राव की हरियाणा इंसाफ कांग्रेस प्रदेश के उन नेताओं के लिए भी वरदान बनेगी जो इनेलो और भाजपा के विरोध की राजनीति करते हैं, लेकिन कांग्रेस में हुड्डा ने उनको उनके क्षेत्र की राजनीति में हाशिए पर धकेल दिया है।
राव की स्वच्छ राजनीति छवि के चलते अन्ना हजारे व रामदेव जैसे सामाजिक कार्यकर्त्ताओं का समर्थन भी उन्हे मिलेगा।
प्रदेश के बदले राजनैतिक माहौल में जहां भाजपा को अपने गठबंधन पर पुर्नविचार करना होगा, वहीं इनेलो को चंडीगढ़ की कुर्सी पाने के लिए राव से गठबंधन करने के पहल करनी होगी।