अंतरजातीय प्रेम विवाह रचाने वाले प्रेमी युगल को लेकर अठगामा पंचायत अभी भी सख्त रुख अपनाए हुए है। शुक्रवार को पंचायत में फैसला सुनाया गया कि प्रेमी जोड़े को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
पंचायत का कहना है कि सैकड़ों सालों से आठ गांवों में आपसी भाईचारा है और अब तक कभी उनके बीच इस तरह से शादी नहीं हुई है। गद्दी खेड़ी निवासी युवती के परिजन भी पंचायत के साथ शुक्रवार को एसपी राजेश दुग्गल से मिले। एसपी से उन्होंने कहा कि वे सिर्फ ये जानना चाहते हैं कि युवती ने सिंहपुरा निवासी रविंद्र से मर्जी से शादी की है या फिर किसी दबाव में। अगर युवती पंचायत के समक्ष कह दे कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है तो उसके परिजनों को कोई एतराज नहीं है।
मामले को निपटाने के लिए दोनों गांवों की पंचायतों ने अठगामा पंचायत को पूरा मामला सौंप दिया है। अठगामा पंचायत का कहना है कि दोनों पक्षों पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है और न ही सामाजिक बहिष्कार जैसा कदम उठाया जाएगा, लेकिन प्रेमी जोड़े को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। अठगामा के प्रधान आनंद ने कहा कि युवती के परिजनों ने ही पंचायत से सहयोग मांगा था कि वे एक बार युवती से मिलना चाहते हैं।
एसपी ने पूरे मामले की जांच और साथ ही नवदंपति को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं। गद्दी खेड़ी और सिंहपुरा की पंचायत ने पूरा मामला अठगामा पंचायत को सौंपा है। शुक्रवार को पंचायत ने कहा कि परिवार पर किसी तरह का दबाव नहीं है, जबकि वीरवार को फरमान सुनाया गया था कि दो दिन में यदि जोड़े को पंचायत के सामने पेश नहीं किया गया तो उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया जाएगा।
ऐसी शादी को मान्यता नहीं : आनंद
अठगामा के प्रधान आनंद ने कहा कि सैकड़ों साल से रीति-रिवाज चले आ रहे हैं। आठ गांवों का आपसी भाईचारा है और पंचायत भी एक है। इसलिए दोनों गांवों के बीच शादी का रिश्ता नहीं हो सकता। कलकल खाप के प्रधान राजकुमार ने कहा कि खाप इस शादी को किसी प्रकार की मान्यता नहीं देती। उन्होंने बहिष्कार और दबाव की बात से स्पष्ट तौर पर इंकार किया। उनका कहना है कि लड़की से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
बस सलामत रहे मेरा लाल...
लड़के रविंद्र की मां बिमला ने कहा कि उन्हें पता नहीं कि लड़का और लड़की कहां पर है। यदि पंचायत उन्हें गांव में घुसने नहीं देगी तो दोनों बच्चे बाहर रह लेंगे। उन्हें तो बस यही चाहिए कि उसके लाल की जान बच जाए। अभी उनके पास युवती के परिजनों की ओर से कोई भी मांग नहीं आई है।
गरनावठी में समगोत्र पर छिड़ा था विवाद
पिछले माह गरनावठी में प्रेमी युगल की युवती पक्ष के लोगों द्वारा हत्या कर दी गई थी। उस समय पंचायतों का तर्क था कि समगोत्र में शादी नहीं की जा सकती। सिंहपुरा केस में कहा जा रहा है कि आठ गांवों में शादी नहीं हो सकती, चाहे वे किसी भी गोत्र या जाति के क्यों न हो।
दोनों पक्षों की शिकायत मिल गई है। पुलिस जोड़े की लोकेशन का पता कर रही है ताकि उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जा सके। यदि जरूरत पड़ी तो दोनों के परिजनों को सुरक्षा दी जाएगी।
- पुष्पा खत्री, डीएसपी, रोहतक