पानीपत। टेक्सटाइल नगरी के युवा नशे की गिरफ्त में है। आए दिन यहां मादक पदार्थ तस्कर पकड़े जा रहे हैं। एंटी नाकोटिक्स सेल के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रवासी बने हुए हैं।
पानीपत में लगभग चार लाख प्रवासी रहते हैं। इनका काम के सिलसिले में अपने घर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश व राजस्थान आना जाना बना रहता है। एंटी नाकोटिक्स सेल के अनुसार प्रवासी दूसरे प्रदेशों से मादक पदार्थ लेकर आते हैं और यहां पर तस्करी करते हैं। औद्योगिक सेक्टर पानीपत में नशे का सबसे बड़ा अड्डा बना हुआ है। किराए के कमरों में चरस व गांजा बेचा जा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल, ईएसआई अस्पताल का पार्क व हाली पार्क नशेड़ियों का सबसे बड़ा अड्डा है। जिला नागरिक अस्पताल व ईएसआई अस्पताल के पार्क में युवाओं की टोलियां सरेआम नशे के इंजेक्शन लगाते हैं। पार्क में पड़ी सिरिंज इसकी गवाही दे रही हैं।
हाली पार्क निर्माणाधीन है। यहां हर रोज सैकड़ों युवा पार्क के कोनों में बैठे रहते हैं। निर्माणाधीन पार्क के भवन में छुपकर बैठे रहते हैं। दिन में ही युवा सरेआम यहां शराब पीते हैं। स्मैक, गांजे व चरस का सेवन करने वाले युवक छुपकर नशा करते हैं। हाली पार्क में निर्माणाधीन भवन के नीचे तीन युवक दिखे।
देखने में तीनों पढ़े लिखे नजर आ रहे थे। पहले तो तीनों आपस में बात करते रहे। फिर इन्होंने एक कार्ड पर सफेद रंग का पदार्थ रखकर सूंघा। कुछ देर बाद वे अचेत से हो गए। सीआईए वन रोड पर ड्रेन पुल मादक पदार्थ तस्करों का अड्डा है। यहां पर मोटरसाइकिल पर मादक पदार्थ तस्कर आते हैं। ग्राहक यहां खड़े रहते हैं। यहां मादक पदार्थ तस्करों व नशेड़ियों का घूमना आम बात ही है।
हर कॉलोनी में मिल रहा नशा : एक पुलिसकर्मी ने बताया कि शहर की हर कॉलोनी में किसी न किसी प्रकार का नशा आराम से मिल जाता है। किराना की दुकानों पर भी चरस व गांजा मिल जाता है। पुलिस की पहुंच कॉलोनियों में उन अड्डों तक नहीं है। पुलिस की गश्त सिर्फ सड़कों व चौड़ी गलियों में ही है।
यह नशा के हॉट स्पॉट : विद्यानंद कॉलोनी, सेक्टर 29, सेक्टर 25, सीआईए वन रोड, कच्चा कैंप, बरसत रोड, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, चौटाला रोड शहर में नशे के हॉट स्पॉट हैं।