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पानीपत टोल प्लॉजा के पास खड़े ट्रक में घुसी स्कार्पियो, एक की मौत

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पानीपत। क्षतिग्रस्त कार। - फोटो : Panipat
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परिवार में बेटा पैैदा होने की खुशी महज 12 घंटे बाद ही पिता की मौत से मातम में बदल गई। खुशी मनाने के लिए 22 वर्षीय पिता अपने जीजा और पांच दोस्तों के साथ दिल्ली से शिमला के लिए रवाना हुआ, लेकिन मंगलवार रात करीब सवा एक बजे उनकी स्कॉर्पियो की एक खड़े ट्रक में जा घुसी। मृतक पिता ड्राइविंग सीट के बगल में बैठा था और उसी ओर से कार ट्रक में जा टकराई। उनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि जीजा और पांच दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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निजी कंपनी में कार्यरत दिल्ली के गांधी नगर निवासी दोस्त अमित ने बताया कि मंगलवार देर शाम दिल्ली से शिमला के लिए निकले थे। वह गाड़ी चला रहा था। उसके बगल में दोस्त ब्रह्मजीत (23) निवासी नीलम चौक नेहरा ग्राउंड फरीदाबाद बैठा हुआ था। कार में पीछे ब्रह्मजीत के जीजा अक्षय निवासी सीलमपुर, दीपक निवासी गांधी नगर, सन्नी निवासी कांति नगर, दिपांश निवासी मिठापुर, तुषार निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी बल्लभगढ़ दिल्ली बैठे थे। रात करीब सवा एक बजे पानीपत टोल प्लाजा के पास हादसा हुआ। जिसमें दोस्त ब्रह्मजीत की जान चली गई।
- दिन में बेटे ने जन्म लिया और शाम को ही शिमला जाने का प्लान बना
जांच अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में परिजनों से पता चला कि ब्रह्मजीत की पत्नी श्वेता ने मंगलवार की दोपहर ही बेटे को जन्म दिया था। जिसकी खुशी में शाम को शिमला जाने का प्लान बना था और सभी ब्रह्मजीत की कार से ही शिमला की ओर रवाना हो गए थे।
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ट्रक पर नहीं लगा था रिफ्लेक्टर, बिना इंडीगेक्टर दिए खड़ा था ट्रक
दोस्त अमित ने बताया कि टोल प्लाजा से पहले ही एक ट्रक खड़ा हुआ था। सड़क पर खड़े ट्रक पर कोई इंडीकेटर या रिफ्लेक्टर नहीं लगा था और अंधेरा होने की वजह से ट्रक दिख ही नहीं। हादसे बाद ट्रक चालक भाग गया। इंडीकेटर या रिफ्लेक्टर होता तो हादसा नहीं होता। पुलिस से ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
- दो भाईयो में छोटा था ब्रह्मजीत, पर था मृतक, दो साल पहले हुई थी शादी
मृतक के पिता महकार सिंह ने बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलर हैं। बेटा ब्रह्मजीत पढ़ाई कर रहा है। लॉकडाउन के चलते पढ़ाई बंद होने की वजह से उनके ऑफिस में ही हाथ बंटा रहा था। उनके दो बेटों और एक बेटी में ब्रह्मजीत सबसे छोटा था। ब्रह्मजीत और बड़े बेटे लोकेश की दो साल पहले एक ही मंडप में शादी हुई थी। पिता ने बताया कि बेटा पैदा होते ही फरीदाबाद से दिल्ली अपनी बहन के घर गया था, जहां से जीजा और दोस्तों के साथ शिमला रवाना हुआ था।
वर्जन
परिजनों की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। ट्रक चालक फरार है, ट्रक का नंबर उनके हाथ लगा, तलाश जारी है, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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- कमलजीत सिंह, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी।
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