पानीपत। शिवाजी स्टेडियम में 10वं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम हल्की बूंदाबांदी के बीच हुआ। शुरुआत में साधकों को कार्यक्रम में बारिश से योग में खलल पड़ने का डर सता रहा था, लेकिन मौसम साफ होने के बाद साधकों ने राहत की सांस ली। उन्होंने ठहाकों से लोगों में जोश भर दिया। यहां हजारों साधकों ने योग किया। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। मुख्यातिथि पंचायत और सहकारिता मंत्री महिपाल ढांडा रहे। उन्होंने यहां मतलौडा खंड के जोशी गांव में योग एवं व्यायामशाला का शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि योग विद्या भारत के ऋषि-मुनियों की अमूल्य धरोहर है। योग अभ्यास शरीर, मन, विचार, कर्म, आत्मसंयम व पूर्णता की एकात्मकता और मानव व प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णतावादी दृष्टिकोण है। योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ जोड़ने का भाव है। ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों में रिकॉर्ड 177 सह-समर्थक देशों के साथ 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। वर्ष 2015 से प्रत्येक वर्ष 21 जून को योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने योग के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा कि योग का नियमित अभ्यास रक्तचाप और हृदय गति को नियंत्रित करने में मदद करता है। नियमित योग अभ्यास मजबूत मन व लचीला शरीर देता है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, सीटीएम टीनू पोसवाल, पार्षद लोकेश नांगरू, सीएमओ डॉ जंयत आहुजा, जिला खेल अधिकारी सतेंद्र कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, पूर्व सरपंच अवतार शास्त्री मौजूद रहे।