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लाखों के फर्जीवाड़े में बिलासपुर के एक्सईएन को भेजा गया जेल

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पानीपत। यमुनानगर के बिलासपुर सब डिवीजन में अधिकारियों को कर्मचारियों की मिलीभगत से हुए लाखों रुपये के फर्जीवाड़े मामले में रिमांड पर चल रहे एक्सईएन को शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। वहीं, फरार चल रहे मास्टरमाइंड एलडीसी राघव वधावन की धरपकड़ में अपराध शाखा की टीम उनके संभावित ठिकनों पर दबिश दे रही है।
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गौरतलब है कि पानीपत निवासी सुरेश कुमार ने बिलासपुर सब डिवीजन में तैनात अकाउंटेंट योगेश लांबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कारद निवासी सुरेश ने 8 फरवरी को शिकायत में बताया था कि वह टैक्सी चलाने का काम करता है। अजय व कमल शर्मा ने उसे लोन दिलाने की बात कहते हुए उससे बैंक खाता नंबर लिया था।
इसके बाद उसके खाते में करीब 3 लाख 78 हजार रुपये जमा हो गए। इसके बाद दोनों ने उसे बताया कि गलती से उसके खाते में रुपये आ गए हैं। तब सुरेश ने पैसे निकालकर वापस कर दिए। इसके बाद उसने खाते को चेक किया तो उसके खाते में बिजली विभाग के किसी खाते से रुपये आए थे। इसके बाद उसने पुलिस को इसकी शिकायत दी। समालखा थाना पुलिस ने चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की तो बिलासपुर, यमुनानगर सब डिवीजन में हुए घपले की परते खुलती गई।
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पवन शर्मा, अजय शर्मा और अकाउंटेंट को भेज दिया था जेल
मामले में पुलिस ने पवन शर्मा और अजय शर्मा को जेल भेज दिया था। जबकि अकाउंटेंट योगेश लांबा और एक्सईएन नीरज कांबोज को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। 22 फरवरी को अपराध शाखा टीम ने रिमांड अवधि समाप्त होने पर दोनों को दोबारा न्यायालय में पेश किया, जहां से योगेश लांबा को जेल भेज दिया था और एक्सईएन नीरज को दोबारा दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था।
एक्सईएन ने कराई थी बिलासपुर थाने में 63 लाख गबन की रिपोर्ट दर्ज
बिलासपुर थाने में दी शिकायत में एक्सईएन नीरज कांबोज ने बताया था कि उन्होंने जुलाई 2021 में बिलासपुर में बतौर एक्सईएन ज्वाइन किया था। अब उनके संज्ञान में आया है कि कार्यालय में कार्यरत अकाउंटेंट योगेश लांबा और क्लर्क राघव ने साथ मिलकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया है। मामले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट राकेश नंदा और चक्रवर्ती शर्मा की भी संलिप्तता उजागर हुई। चार-पांच माह में ही आरोपियों ने कार्यालय में 63 लाख रुपये के फंड का दुरुपयोग किया था। गौरतलब है कि समालखा ऑफिस में तैनात चक्रवर्ती ने खुद को निर्दोष बताते हुए जहर खाकर जान दे दी थी।
एक्सईएन को रिमांड अवधि समाप्त होने पर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं मामले की गहनता से जांच की जांच की जा रही है, जांच में जिस किसी का नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। -शशांक कुमार सावन, एसपी पानीपत।
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