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मां ब्रह्मचारिणी का पूजन कर मांगी सुख-समृद्धि, आज होगी मां चंद्रघंटा की पूजा

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पानीपत। रविवार को दुसरे नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिर में देवी के दर्शन करने वालों की लगी भारी भी? - फोटो : Panipat
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पानीपत। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। भक्तों ने मंदिरों में जाकर विधि-विधान से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना की।
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मां दुर्गा की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र की शुरुआत शनिवार से हो गई है। दूसरे दिन भक्तों ने जयकारों और माता के भजनों के साथ मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, घरों में हवन हुआ। माता के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। मंदिरों सहित माता के दरबार को भव्य तरीके से सजाया गया है। शहर के ऐतिहासिक देवी मंदिर, अवध धाम मंदिर, राधा रमण मंदिर, गीता मंदिर, सनातन धर्म मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में दिन भर मां के जयकारे गूंजते रहे। मंदिरों में भक्तों ने मां के दर्शन किए। मंदिरों में देवी के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना कर शाम को मंदिरों में भजन कीर्तन हुए।
खरीददारी को लेकर बाजारों में रही भीड़
नवरात्र पर्व पर बाजार में भी दिनभर भीड़ लगी रहती है। रविवार को भी पूजन सामग्री व प्रसाद की खरीदारी करने के लिए बाजार में भीड़ रही। महिलाएं भी मां के लिए सजावट की सामान और विशेष रूप से लाल चुनरी खरीदती नजर आईं। दुकानदारों का कहना है कि दो साल से कोरोना महामारी के कारण व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया था। इस बार थोड़ी राहत मिली है।
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आज होगी मां चंद्रघंटा की पूजा
नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। बाघ पर सवार मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र विराजमान है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी आराधना से साधकों को चिरायु, आरोग्य, सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है और स्वर में दिव्य, आलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है।
मां चंद्रघंटा का ऐसे करें पूजन
अवध धाम मंदिर से ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे महाराज ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप माता चंद्रघंटा की आराधना की जाएगी। मां की आराधना उं देवी चंद्र घंटायै नम: का जप करके की जाती है। माता चंद्र घंटा को सिंदूर, अक्षत, गंध, धूप, पुष्प अर्पित करें। मां को दूध से बनी हुई मिठाई का भोग भी लगा सकते हैं। नवरात्र के हर दिन नियम से दुर्गा चालीसा और दुर्गा आरती करें। विधि विधान से पूजा अर्चना करने से मां प्रसन्न होगी। मां चंद्रघंटा की कृपा से एश्वर्य और समृद्धि के साथ सुखी दांपत्य जीवन की प्राप्ति होती है। विवाह में आ रही समस्याएं दूर हो जाती हैं।
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