कजाकिस्तान में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में खेलने के लिए गए भारतीय टीम के किसी बॉक्सर ने पदक जीत लिया तो भी न तो भारतीय राष्ट्रीय गान की धुन बजाई जाएगी और न ही आधिकारिक तौर पर तिरंगा फहराया जाएगा।
दरअसल इंटरनशेनल बॉक्सिंग फेडरेशन ने भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन को प्रोविजनली सस्पेंड कर रखा है। इस वजह से भारतीय टीम देश के बैनर तले न खेलकर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग फेडरेशन के बैनर तले खेलेगी।
इससे टीम के खिलाड़ी के साथ देश भी पदक जीतने के बावजूद तिरंगा फहराए जाने और राष्ट्रीय धुन से वंचित रहेगी। इस मुकाबले में कैथल से बॉक्सर मनोज भी भाग ले रहे हैं।
भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन के एडमिनिस्ट्रेटिव जनरल सचिव राकेश ठाकरान ने बताया कि बीते साल हुए भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन कोपदाधिकारियों के चुनाव में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग फेडरेशन ने नियमों का पालन न करने के लिए नोटिस जारी करते हुए प्रोविजनल सस्पेंड कर दिया गया था।
इसमें खिलाड़ियों को नुकसान न हो इसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग फेडरेशन के बैनर तले खेलने की अनुमति दे दी गई। लेकिन दिसंबर तक भारतीय बॉक्सिंग संघ को पुन: संविधान बनाते हुए नियमों के पालन करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
यही कारण है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए गए भारतीय खिलाड़ियों में से यदि कोई खिलाड़ी पदक जीत जाता है तो भारतीय राष्ट्रीय धुन नहीं बजाई जाएगी और न ही आधिकारिक तौर पर तिरंगा फहराया जाएगा।
सचिव ने बताया कि देश भर में भारतीय बॉक्सिंग संघ की 35 यूनिट पदाधिकारियों की नई दिल्ली में 9 नवंबर को बैठक होने जा रही है। इस बैठक में संविधान में संशोधन करते हुए इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन को भेज जाएगा।
इसके बाद उनके निर्देशों का पालन करते हुए फेडरेशन का गठन किया जाएगा। उम्मीद है कि नियमों का पालन करने पर निलंबन समाप्त हो जाएगा। पिछले चुनाव में राजस्थान से अभिषेक मटोरिया को भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन का अध्यक्ष चुना गया था।
खिलाड़ियों को होता है दुख
बॉक्सर मनोज के कोच और बड़े भाई राजेश कुमार ने कहा कि निलंबन के जो भी कारण रहे हों, इससे खिलाड़ियों का कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन यदि कोई खिलाड़ी पदक जीत लेता है और राष्ट्रीय धुन ना बजे या फिर तिरंगा ना फहराया जाए तो खिलाड़ियों को तो दुख होता ही है।
साथ ही उनके मनोबल पर भी असर पड़ता है। राजेश ने कहा कि भारतीय बॉक्सर इस बार अवश्य पदक लाएंगे। सभी ने इस मुकाबले के लिए जी तोड़ मेहनत की है।
आज से महाकुंभ का आगाज
कजाकिस्तान में मंगलवार से 116 देशों के 576 बॉक्सरों के बीच हर साल दो में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग महाकुंभ में भारत से 10 बॉक्सरों का दल 11 अक्तूबर को रवाना हुआ था।
इसमें कैथल से ओलंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडलिस्ट मनोज कुमार के अलावा विकास मलिक, सुमित सांगवान, मनप्रीत सिंह सहित अन्य 10 बॉक्सर भाग ले रहे हैं।
कैथल से बॉक्सर मनोज कुमार का मुकाबला आगामी 18 अक्तूबर को होगा। इसमें उसके सामने तुर्की एवं कीनिया के मुकाबले में विजेता मुक्केबाज होंगे। मनोज से इस बार भी पदक की उम्मीद है।