पानीपत। दो हजार के गुलाबी नोट तहखाने से निकलने लगे हैं। फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों व कारीगरों को ये नोट मिल रहे हैं। एकदम चटक नोट पाकर उनके चेहरे एक बार तो खिल जाते हैं, लेकिन बाजार में जाते ही नोट दुकानदारों के न लेने के कारण चेहरों के रंग उड़ जाते हैं। बैंक में नोट बदलवाने के लिए छुट्टी का संकट पड़ गया है। कई फैक्टरी मालिकों ने श्रमिकों को छुट्टी भी देनी शुरू कर दी है।
दो हजार के नोट बदलने का काम मंगलवार को बैंकों में शुरू कर दिया गया। पहले दिन दो हजार के पांच करोड़ रुपये बदले और जमा हुए गए थे। बुधवार को सुबह ही बैंकों में नोट बदलवाने व जमा कराने के लिए लोग पहुंच गए। श्रमिकों में जमा कराने के बजाय बदलवाने वालों की लाइन लंबी रही। कुछ लोग बाजार में पहुंचे, लेकिन दुकानदारों ने नोट लेने से मना कर दिया। श्रमिक जयकुमार और ईश्वर ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने उन्हें तनख्वाह में दो हजार का नोट दिया है। वे बाजार में सामान लेने आए, लेकिन दुकानदारों ने नोट लेने से मना कर दिया। यह समस्या कुछ अन्य श्रमिकों की भी थी।
बैंकों में नोट बदलने के साथ उसके असली और नकली पर भी ध्यान दे रहे हैं। एक बैंक मैनेजर ने बताया कि नोट को असली और नकली देखने पर ही लिया जा रहा है। कुछ लोगों के बैंक में खाता नहीं है तो उनको साथ के साथ खाता खोला जा रहा है। बैंकों में अलग से हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।