पानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों ने 12 की बजाय आठ घंटे ड्यूटी करने की मांग के लिए सोमवार को रिफाइनरी गेट पर उग्र प्रदर्शन किया। सीआईएसएफ के जवानों ने श्रमिकों को रोकने का प्रयास किया तो उनके बीच टकराव हो गया। श्रमिकों की भीड़ ने जवानों पर पथराव कर दिया और दो-तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने हवा में दो राउंड फायर किए। जिससे भीड़ और अधिक उग्र हो गई।
जवानों ने बल प्रयोग कर भीड़ को गेट से खदेड़ दिया। करीब दो घंटे चले टकराव में तीन-चार जवान और 10 से 15 श्रमिक घायल हो गए। तनाव की स्थिति को देखते हुए रिफाइनरी गेट पर एक कंपनी दंगा नियंत्रण फोर्स तैनात कर दी। एसपी भूपेंद्र सिंह ने रिफाइनरी के अधिकारियों और श्रमिकों के ठेकेदारों से बात की। रिफाइनरी ने ठेकेदारों को श्रमिकों की मांग पूरा करने के लिए दो दिन का समय दिया है।
पानीपत रिफाइनरी में पी-25 प्रोजेक्ट में कंपनी के अंतर्गत काम कर रहे 10-12 श्रमिकों ने ड्यूटी का समय 12 घंटे के स्थान पर आठ घंटे करने और रिफाइनरी में शौचालय, कैंटीन और माह में चार छुट्टी की मांग के लिए चार नंबर गेट पर एकत्रित हुए। श्रमिकों ने ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीआईएसएफ के जवानों ने उनको रिफाइनरी एचआर से बात करने की सलाह दी। श्रमिकों ने सीआईएसएफ के जवानों के साथ तू-तू, मैं-मैं शुरू कर दी। सीआईएसएफ के जवानों ने इनको वापस भेज दिया। इसके कुछ देर बार 200-250 श्रमिक इकट्ठा होकर आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। सीआईएसएफ के जवानों ने श्रमिकों को गेट नंबर-एक से हटाने का प्रयास किया।
इस दौरान कहासुनी हो गई। गुस्साए श्रमिकों ने तोड़ फोड़ शुरू कर दी। एक बोलेराे गाड़ी को पलट दिया। गेट पर लगे कैमरे और लाइटों को तोड़ दिया। मामला बढ़ते देख सीआईएसएफ के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया और बल प्रयोग कर लाठी फटकार कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इसके साथ जवानों ने दो हवाई फायर किए। श्रमिकों को गोली लगने की सूचना प्लांट में चली गई। श्रमिक काम छोड़कर गेट पर आए गए। करीब 10-12 हजार श्रमिकों ने रिफाइनरी प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही।
बॉक्स
श्रमिकों की मांग पूरी करने के लिए दो दिन का आश्वासन
श्रमिकों और सीआईएसएफ के जवानों के बीच करीब दो घंटे तक टकराव की स्थिति बनी रही। इसके बाद स्थानीय पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। डीएसपी राजवीर थाना सदर, मतलौडा पुलिस के साथ रिफाइनरी गेट पर पहुंचे और श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद माहौल शांत हो गया। लेकिन तनाव की स्थिति को देखते हुए एसपी भूपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। स्थिति को देखते हुए एक कंपनी दंगा नियंत्रण बल रिफाइनरी गेट पर तैनात कर दी गई। रिफाइनरी के अधिकारियों और लेबर ठेकेदारों से भी बात की। दो दिन में सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।
वर्जन
श्रमिकों ने पथराव कर दो गाड़ियों को तोड़ा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीआईएसएफ के जवानों ने हवाई फायर किए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। श्रमिकों की मांगों को पूरा करने के लिए ठेकेदारों से बात की गई है। उनकी ज्यादातर मांग पहले से ही पूरी हैं। अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली। शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
-भूपेंद्र सिंह एसपी पानीपत।
वर्जन :
पी-25 प्रोजेक्ट में कंपनी के अंतर्गत काम कर रहे श्रमिकों ने ड्यूटी के घंटों व अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन किया है। इसमें संबंधित कंपनी व ठेकेदार को मांगों को पूरा करने के लिए बोला गया है। श्रमिकों को अपनी बात शांतिपूर्वक रखनी चाहिए थी।
ओमप्रकाश, सीजीएम, पानीपत रिफाइनरी।