पानीपत। जिला बार के वकील अपनी मांगों को माने जाने पर नौवें दिन काम पर लौट आए।
वकीलों के काम पर आने से फरियादियों को राहत की सांस मिली और कोर्ट के काम भी आगे बढ़ सके। जिला बार एसोसिएशन के 16 मई को चुनाव हुए थे। इसके एक दिन पहले 15 मई को बार कौंसिल पंजाब और हरियाणा ने नोटिस जारी कर चुनावों पर रोक लगा दी थी और आरओ और तीनों एआरओ को नोटिस जारी कर दिए थे।
इसी बीच 16 मई को जिला बार एसोसिएशन के प्रधान, उप-प्रधान और सचिव पद को लेकर वोटिंग कर दी गई। इसमें तीनों पदाधिकारियों को चुना गया। वहीं सह सचिव और कैशियर की पहले ही सर्व सम्मति से चुन लिए थे।
जिला बार एसोसिएशन ने 19 मई को वर्क सस्पेंड कर दिया था और यह लगातार तीन दिन तक चला। इसके बाद तीन दिन की छुट्टियों के बाद सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए वर्क सस्पेंड कर दिया।
जिला बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बार कौंसिल चंडीगढ़ में पहुंचा और चेयरमैन और अन्य पदाधिकारियों के सामने आरओ और एआरओ की बात को स्पष्ट किया। इसके बाद कौंसिल की ओर से चारों वकीलों के लाइसेंस बहाल कर दिए।
जिला बार एसोसिएशन ने मंगलवार शाम को अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड वापस ले लिया था। मंगलवार को वकील चैंबरों में रौनक नजर आई और कोर्ट में भी चहल कदमी रही। इन सबके बीच फरियादियों को काफी राहत मिली।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश शर्मा ने बताया कि जिला बार के वकील काम पर लौट आए हैं और बुधवार को काम किया गया। वे अपनी मांगों को लेकर वर्क सस्पेंड करने को मजबूर थे।