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Panipat News: अहोई अष्टमी पर महिलाओं ने संतान की दीर्घायु के लिए रखा व्रत

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पानीपत। महिलाओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र व खुशहाली के लिए वीरवार को अहोई अष्टमी पर व्रत रखा। निर्जला व्रत रख संतानों की सलामती के लिए अहोई माता की पूजा-अर्चना की और तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
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अहोई अष्टमी के व्रत पर महिलाओं ने वीरवार अल सुबह तारों की छांव में अल्पाहार लिया। दोपहर के समय अहोई माता की कथा सुनी। बुजुर्ग महिलाओं और पंडितों ने अहोई माता की कथा कही। महिलाओं ने शाम को 5:47 से 6:59 तक के बीच में अहोई माता की पूजा की। घरों में मीठे पकवान बनाकर अहोई माता को भोग लगाया। इसके बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। परढ़ाना गांव निवासी कोमल शर्मा ने बताया कि अहोई व्रत के लिए उनमें उत्साह रहा। उन्होंने अपने बच्चों की सलामती के लिए अहोई अष्टमी पर पूरा दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को अहोई माता की पूजा की। आकाश में तारों को देखने के बाद ही व्रत खोला। 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला माया देवी ने बताया कि भारतीय संस्कृति में अहोई अष्टमी के व्रत का महत्व है। यह व्रत करवा चौथ के चार दिन बाद और दिवाली से एक सप्ताह पहले आता है। विवाहित महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। पहले यह व्रत सिर्फ बेटाें वाली महिलाएं रखती थीं। अब सभी बच्चों के लिए रखा जाता है। सुमन देवी ने बताया कि सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर अहोई माता के व्रत का संकल्प लिया।
बाजारों में बढ़ी रौनक
अहोई व्रत के लिए भी बाजारों में खूब रौनक रही। महिलाओं ने अहोई अष्टमी पर्व को लेकर जमकर खरीदारी की। त्योहारी सीजन आते ही खरीदारी बढ़ती देख दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं। मिठाइयों की दुकानों पर लगातार भीड़ लगी रहती है। जिससे बाजारों की रौनक भी बढ़ गई है। दुकानदार अमित कुमार ने बताया कि अहोई अष्टमी के दिन मिठाई की बिक्री होती है। महिलाओं ने अहोई माता के कैलेंडर व मिट्टी के मटकों की जमकर खरीदारी की।
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