समालखा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसमें वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। संघ शाखाओं से अपेक्षित सामाजिक परिवर्तन के कार्यों सहित विशेष रूप से पंच परिवर्तन के प्रयासों की चर्चा की जाएगी। इसके साथ शिक्षा, कार्यकर्ता विकास और अन्य प्रशिक्षण वर्गों की योजनाओं पर विचार-विमर्श कर आगामी वर्ष की संघ की कार्ययोजना का भी निर्धारण किया जाएगा।
समालखा के पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र में 13 से 15 मार्च को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक होगी। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार शाम को ही पहुंच गए थे। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और सह सरकार्यवाह शनिवार को पहुंच गए। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अब इनके साथ आंतरिक बैठक करेंगे। शनिवार को प्रारंभ में बैठक की रूपरेखा पर चर्चा की गई। इसके साथ प्रांत प्रचार प्रमुख राजेश कुमार ने समालखा स्थित वैश्य कन्या कॉलेज में बैठक की।
उन्होंने 13 से 15 मार्च को होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संघ की दृष्टि से यह सर्वोच्च निर्णायक इकाई की बैठक होती है। यह वर्ष संघ शताब्दी का होने के नाते शताब्दी निमित्त आयोजित विजयादशमी उत्सव, गृहसंपर्क, हिन्दू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिक गोष्ठी, सामाजिक सद्भाव बैठक और अभियान के वृत्तांत के साथ अनुभव पर चर्चा करेगा। प्रतिनिधि सभा में गत वर्ष 2025-26 के संघ कार्य की समीक्षा और प्रांतों में हुए विशेष कार्यों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रांत व क्षेत्र स्तर के प्रमुख पदाधिकारी सहित 1489 कार्यकर्ता पहुंचेंगे। बैठक में संघ प्रेरित विविध 32 संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री व संगठन मंत्री भी शामिल होंगे। इस मौके पर समालखा नगर के संघचालक रामकुमार, हरियाणा प्रांत के सह प्रचार प्रमुख विक्रांत वीर, विभाग प्रचार प्रमुख केदार दत्त, जिला प्रचार प्रमुख प्रदीप, वैश्य कन्या कॉलेज के प्रधान प्रकाश वीर, सरबजीत बंसल व नीरज उपस्थित रहे।