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Panipat News: चार बच्चों की विधवा ने जन्म के ढाई घंटे बाद बेटे को कूड़े में फेंका, आवारा कुत्ते ने की रक्षा

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महिला के मकान के बाहर जांच करती पुलिस टीम। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। शहर पानीपत में ममता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली एक विधवा महिला ने जन्म के महज ढाई घंटे बाद अपने नवजात बेटे को शिवनगर की गली नंबर-5 में कूड़े के ढेर में फेंक दिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद एक आवारा कुत्ते ने प्लास्टिक के कट्टे में पड़े बच्चे को बाहर निकाल दिया और करीब एक घंटे तक उसके पास खड़ा रहा। सोमवार तड़के स्थानीय लोगों की नजर बच्चे पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना दी।
क्षेत्रवासियों और बाल कल्याण समिति की मदद से नवजात को जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है। बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस और स्थानीय लोगों ने महज सात घंटे में बच्चे को फेंकने वाली महिला की पहचान कर ली। पुलिस ने महिला को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली है। उसके पति की करीब पांच वर्ष पहले मौत हो चुकी है। वह पहले से चार बेटियों की मां है, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, महिला के एक रिश्तेदार के साथ संबंध थे और नवजात बच्चा उसी का बताया जा रहा है।

कुत्ते ने कट्टे से निकालकर बचाई नवजात की जान
शिवनगर निवासी अवधेश गुप्ता ने बताया कि सोमवार तड़के करीब छह बजे वह टहलने के लिए निकले थे। घर से करीब 30 मीटर आगे जाने पर उन्होंने देखा कि एक कुत्ता प्लास्टिक के कट्टे के पास खड़ा है और कट्टे में हलचल हो रही है। पास जाकर देखने पर उसमें नवजात बच्चा मिला।
उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पड़ोसी अक्षय जिंदल की मां सुधा जिंदल को दी। सुधा जिंदल अपनी बहू पिंकी के साथ मौके पर पहुंचीं और बच्चे को उठाकर सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके साथ ही डायल-112 को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति के चेयरमैन केदार दत्त कौशिक मौके पर पहुंचे। किशनपुरा चौकी पुलिस की मदद से बच्चे को जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे का वजन करीब 1800 ग्राम है, जबकि जन्म के समय सामान्य वजन लगभग 2500 ग्राम होना चाहिए। कमजोरी के कारण बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया है।

सीसीटीवी फुटेज से सात घंटे में हुई पहचान
नवजात मिलने के बाद अक्षय जिंदल और नारी तू नारायणी संगठन की अध्यक्ष सविता आर्य ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सोमवार तड़के 5:13 बजे एक महिला गली से निकलती दिखाई दी, जो बच्चे को कूड़े के ढेर में फेंककर चली गई थी।
इसके बाद महिला की तलाश की गई। पूछताछ में महिला ने पहले बच्चे को फेंकने से इन्कार कर दिया। जब उसकी बेटियों को सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई तो एक बेटी ने महिला की पहचान अपनी मां के रूप में कर दी। इसके बाद महिला ने पुलिस के सामने बच्चा फेंकने की बात स्वीकार कर ली।
महिला ने पुलिस को बताया कि पति की मौत के बाद उसके एक दूर के रिश्तेदार से संबंध बन गए थे। यह बच्चा उसी का है। पुलिस अब संबंधित रिश्तेदार के बारे में जानकारी जुटा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।


बच्चे को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएनसीयू में उसका उपचार चल रहा है। महिला के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना सेक्टर-29 प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। -केदार दत्त कौशिक, चेयरमैन, बाल कल्याण समिति
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बच्चे को फेंकने वाली महिला की पहचान कर ली गई है। बिहार की रहने वाली महिला को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -सुभाष, प्रभारी, थाना सेक्टर-29
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