पानीपत/मतलौडा। धान की कटाई के साथ गेहूं की बिजाई तेज हो गई है। किसान इसी सप्ताह गेहूं की बिजाई पूरी करना चाहते हैं। ऐसे में डीएपी खाद की मांग बढ़ गई है। जिले में खाद का स्टॉक खत्म हो गया है। किसानों को एनपीए खाद भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जिले में गेहूं के सीजन में 11500 मीट्रिक टन डीएपी खाद की जरूरत है। पानीपत जिले में मंगलवार को डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। डीएपी की अगली खेप वीरवार या शुक्रवार को आने की संभावना है।
उपमंडल कृषि अधिकारी देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि रविवार को 100 एमटी डीएपी और 120 एमटी टीएसपी खाद की खेप आई थी। रविवार और सोमवार को करीब 60 एमटी डीएपी और 40 एमटी टीएसपी का वितरण किसानों को किया गया।
शेष खाद का मंगलवार को वितरण किया गया। जिले में फिलहाल डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। नवंबर के आगामी दिनों में जिले में करीब 2000 मीट्रिक टन डीएपी आने की संभावना है। किसान हरलाल और कर्मबीर ने बताया कि सीजन में डीएपी खाद नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में गेहूं की बिजाई कार्य रोकना पड़ रहा है।
मंडियों में 2.85 लाख एमटी धान की आवक
जिला की विभिन्न मंंडियों में 285934.5 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें 25026.5 मीट्रिक टन धान ग्रेड-ए, 1509 किस्म की 143767.0 मीट्रिक टन धान है। बासमति-1121 धान 98728 व मुच्छल-डीबी 18413 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। मंडियों में 281759 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसमें मिलर्स व डीलरों द्वारा 260230, हैफेड ने 12055.5 और एचडब्ल्यूसी ने 9473.5 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। खेतों में अब मुच्छल धान की कटाई का कार्य तेज हो गया है। किसानों ने कंबाइन के साथ कटाई शुरू कर दी है।