संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत/समालखा। प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी है लेकिन पिछले दो दिनों में पानीपत और समालखा अनाज मंडी के गेहूं की फसल नहीं पहुंची है। दूसरी ओर हरियाणा अनाज मंडी आढती एसोसिएशन के आह्वान पर एक से पांच अप्रैल तक आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल शुरू की है।
मंगलवार को आढ़तियों ने हड़ताल के दूसरे दिन भी मांगों के समर्थन में सरकार विरोधी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। पानीपत अनाज मंडी एसोसिएशन संयोजक धर्मबीर मलिक और समालखा मंडी प्रधान बलजीत सिंह रूहल समेत उपाध्यक्ष जयपाल छौक्कर ने सरकार से सभी फसलों की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करने और उन्हें 2.50 प्रतिशत कमीशन देने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आढ़तियों को दरकिनार कर सीधे हैफेड के द्वारा सरसों की खरीद कर रही है। जबकि आढ़तियों ने मंडियो में दुकानें खरीद रखी है और पैसा लगाया हुआ है फिर सरकार आढ़तियों को क्यों खत्म करना चाहती है। आढ़तियों ने सरकार से किसानों की फसलों को पंजीकरण करने वाले पोर्टल को खोलने की मांग की है। सरसों की फसल की सिर्फ 37 प्रतिशत पंजीकरण किया गया है बाकि सरसों की प्राइवेट खरीद हो रही है जो एमएसपी से एक से डेढ़ हजार रुपये घाटे में खरीदा जा रहा है।
आढ़तियों एसोसिएशन प्रधान बलजीत सिंह रूहल ने बताया कि मौसम में नमी होने के कारण गेहूं की फसल एक सप्ताह बाद मंडियों ने आनी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि सरसों की तरह गेहूं की फसल का भी पंजीकरण अधूरा है। जिससे गेहूं खरीद में परेशानी आयेगी। इस लिए समय रहते सरकार को गेहूं रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पोर्टल को तुरंत खोला जाए। आढ़ती एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी के द्वारा गेहूं खरीद के इंतजामों को लेकर भी असंतोष जताया।
उधर समालखा मार्केट कमेटी सचिव सविता जैन ने दावा किया कि गेहूं के सीजन को देखते हुए गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। गेहूं खरीद को लेकर किसानों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने मंडी के आढ़तियों को भी चेतावनी दी है कि तोल को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। गड़बड़ी मिलने पर आढती के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अभी मौसम में नहीं होने की वजह से मंडी में गेहूं की फसल आने में 8-10 दिन ओर लग सकते हैं।